खुशबू बोलीं- जस्टिस हेमा समिति रिपोर्ट की जरूरत थी, लेकिन क्या इससे थमेगा दुर्व्यवहार?

मलयालम सिनेमा पर आई जस्टिस हेमा समिति की रिपोर्ट से फिल्म उद्योग में हड़कंप मचा हुआ है। इस रिपोर्ट के सामने आने के बाद कई चौंकाने वाले खुलासे हुए, जिन पर पिछले कई दिनों से अलग-अलग कलाकार अपनी टिप्पणी कर रहे हैं। अब इसी सिलसिले में अभिनेत्री और बीजेपी नेता खुशबू सुंदर का भी बयान आ गया है, जिनका मानना है कि इस रिपोर्ट की बहुत सख्त जरूरत थी।

क्या दुर्व्यवहार को रोका जा सकेगा
खुशबू सुंदर ने अपने एक्स हैंडल पर एक लंबी पोस्ट साझा कर हुए लिखा कि हमारी फिल्म इंडस्ट्री का ये ‘मीटू आंदोलन’ वाला पल आपको झकझोर देता है। उन सभी महिलाओं को बधाई, जो जमीन पर डटी रहीं और विजयी हुईं। उन्होंने लिखा कि दुर्व्यवहार को रोकने की खातिर जस्टिस हेमा समिति की बहुत जरूरत थी, लेकिन क्या ऐसा हो पाएगा?

हर एक क्षेत्र में इस तरह की चीजें मौजूद है
खुशबू ने आगे लिखा कि हर एक क्षेत्र में इस तरह की चीजें मौजूद है, जिनमें महिलाओं से अपेक्षा की जाती है कि वो अपने करियर को आगे बढ़ाने के लिए समझौता करें। उन्होंने लिखा कि पुरुषों को भी इसका सामना करना पड़ता है, मगर अधिकतर खामियाजा महिलाओं को ही भुगतना पड़ता है।

पुरुषों से किया पीड़िता के साथ खड़े होने का आग्रह
अभिनेत्री ने लिखा कि पीड़ित कोई भी हो सकता है। आपके या मेरे लिए वो अजनबी हो सकता है, मगर उसे सुनने के लिए कान और हम सभी लोगों से भावनात्मक समर्थन की जरुरत होती है। उन्होंने सभी पुरुषों से पीड़िता के साथ खड़े होने और समर्थन देने का भी आग्रह किया। मालूम हो कि केरल सरकार ने साल 2017 में जस्टिस हेमा समिति का गठन किया था, जिसकी हाल ही में जारी रिपोर्ट में मलयालम फिल्म उद्योग में महिलाओं के उत्पीड़न और शोषण को लेकर खुलासा किया गया है।

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