छत्तीसगढ़ में बारिश से हाहाकार: कार बही, बच्चा लापता; युवक की तलाश जारी
तेज बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त

रायपुर। छत्तीसगढ़ में लगातार हो रही भारी बारिश ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। राजधानी रायपुर में रातभर हुई बारिश के बाद प्रोफेसर कॉलोनी जैसी रिहायशी जगहें तालाब में तब्दील हो गईं। पानी भरने से सड़कों पर आवागमन मुश्किल हो गया है। वहीं, पेंड्रा के धनौली गांव में नदी का पानी घरों और दुकानों में घुस गया है, जिससे स्थानीय लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
कार बहने से बच्चा लापता, युवक की तलाश जारी
हरेली के दिन बिलासपुर में बड़ा हादसा हो गया। शिव मंदिर से लौट रही एक कार नाले के तेज बहाव में बह गई। कार में कुल 9 लोग सवार थे, जिनमें से 8 लोगों ने किसी तरह तैरकर जान बचाई, लेकिन एक 3 साल का बच्चा अब भी लापता है। कोरबा में भी एक युवक सोन नदी में बह गया, जिसकी तलाश जारी है। कई क्षेत्रों में बाढ़ का पानी गांवों को मुख्य मार्ग से काट चुका है।
रेड अलर्ट जारी, पुल और रास्ते बंद
मौसम विभाग ने मुंगेली, राजनांदगांव और कबीरधाम जिलों में रेड अलर्ट जारी किया है। कोरिया, दुर्ग, बेमेतरा जैसे जिलों में ऑरेंज और यलो अलर्ट है। पेंड्रा और अमरकंटक के बीच की मुख्य सड़क पूरी तरह बंद है क्योंकि पुल बह चुका है। मैनपाट के डैम के सभी गेट खोल दिए गए हैं, जिससे आसपास के क्षेत्रों में जलभराव बढ़ गया है।
बारिश के आंकड़े और मानसून की स्थिति
प्रदेश में अब तक औसतन 543.4 मिमी बारिश हो चुकी है। अकेले जुलाई में 373.7 मिमी पानी गिरा है। बलरामपुर में सबसे ज्यादा 837.4 मिमी और बेमेतरा में सबसे कम 277.4 मिमी बारिश दर्ज हुई है। इस बार मानसून जल्दी शुरू हुआ है और यदि समय पर लौटता है तो इसकी कुल अवधि 145 दिन की हो सकती है।





