छत्तीसगढ़ में स्कूलों में शिक्षकों की तैनाती सुधरी, अब ज्यादा स्कूलों में मिलेंगे शिक्षक: मुख्यमंत्री

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि राज्य सरकार ने स्कूलों में पढ़ाई की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए युक्तियुक्तकरण (स्कूलों और शिक्षकों का संतुलित वितरण) पूरी पारदर्शिता और संवेदनशीलता के साथ किया है। उन्होंने कहा कि किसी भी शिक्षक का पद नहीं घटाया गया है, बल्कि बच्चों और स्कूलों की जरूरत के हिसाब से शिक्षकों की तैनाती की गई है।

पहले की हालत: कहीं शिक्षक नहीं, कहीं जरूरत से ज्यादा

मुख्यमंत्री ने बताया कि इस प्रक्रिया से पहले राज्य में स्थिति काफी खराब थी। कई स्कूल ऐसे थे जिनमें बच्चे नहीं थे, लेकिन शिक्षक थे। वहीं 453 स्कूल ऐसे थे जहां कोई शिक्षक ही नहीं था। 5936 स्कूल केवल एक शिक्षक के भरोसे चल रहे थे। दूसरी ओर, कुछ स्कूलों में जरूरत से ज्यादा शिक्षक थे- कुछ जगहों पर 15 से ज्यादा शिक्षक थे जबकि छात्रों की संख्या कम थी।

पास-पास के छोटे स्कूल मिलाए गए

ग्रामीण और शहरी इलाकों में कई स्कूल बहुत कम बच्चों के साथ एक-दूसरे के पास चल रहे थे। गांवों में कई स्कूल एक किलोमीटर के अंदर और शहरों में 500 मीटर के भीतर थे। इन्हें मिलाकर बेहतर और व्यवस्थित स्कूल बनाए गए।

दो चरणों में पूरी हुई प्रक्रिया

पहले चरण में 10,538 स्कूलों को मिलाया गया।

दूसरे चरण में 15,165 शिक्षकों और प्राचार्यों को वहां भेजा गया, जहां उनकी ज्यादा जरूरत थी।

अब हर स्कूल में मिलेगा शिक्षक

मुख्यमंत्री ने बताया कि पहले जिन 453 स्कूलों में कोई शिक्षक नहीं था, वहां अब शिक्षक तैनात हो चुके हैं। पहले 5936 स्कूल सिर्फ एक शिक्षक से चल रहे थे, अब यह संख्या घटकर 1207 रह गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आगे अगर छात्रों की संख्या बढ़ती है तो वहां और शिक्षक भेजे जाएंगे।

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