कलेक्टर के अमानवीय व्यवहार के विरोध में कर्मचारी फेडरेशन का राज्यव्यापी प्रदर्शन

छत्तीसगढ़ कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन ने कबीरधाम कलेक्टर गोपाल वर्मा के कथित अमानवीय व्यवहार के विरोध में मोर्चा खोलते हुए आज प्रदेशभर में जोरदार प्रदर्शन किया।
फेडरेशन का आरोप है कि हाल ही में कलेक्टर द्वारा किए गए आकस्मिक निरीक्षण के दौरान 42 कर्मचारियों को बारिश के चलते कार्यालय देर से पहुंचने पर नोटिस जारी किया गया, और कुछ कर्मचारियों से जिला पंचायत परिसर में कान पकड़कर उठक-बैठक कराई गई, जो कि अपमानजनक और नियमों के खिलाफ है।
फेडरेशन ने इस घटना को सिविल सेवा आचरण नियमों का स्पष्ट उल्लंघन बताया है और कलेक्टर वर्मा के तत्काल स्थानांतरण के साथ-साथ पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
सोमवार, 07 जुलाई को प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों में फेडरेशन ने विरोध प्रदर्शन कर राज्यपाल और मुख्य सचिव के नाम ज्ञापन सौंपा।
फेडरेशन के प्रांतीय प्रवक्ता जी.आर. चंद्रा और संगठन मंत्री रोहित तिवारी ने कहा:
“यह कदम न सिर्फ कर्मचारियों की गरिमा के खिलाफ है, बल्कि यह मानवाधिकारों का सीधा उल्लंघन भी है। हम इसे किसी भी कीमत पर सहन नहीं करेंगे।”
मूल मांगे:
दोषी कलेक्टर का तत्काल स्थानांतरण
मामले की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच
पीड़ित कर्मचारियों को मानसिक प्रताड़ना से राहत
फेडरेशन ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही उचित कार्रवाई नहीं की गई, तो आंदोलन को और उग्र रूप दिया जाएगा।





