सड़क में अंगूठी बेचने वाला बाबा बना 100 करोड़ का मालिक, अब ED करेगी जांच
सड़क से शाही कोठी तक का सफर

दिल्ली। उत्तर प्रदेश के बलरामपुर में हिंदू लड़कियों को मुस्लिम बनाने वाले जमालुद्दीन उर्फ छांगुर बाबा के खिलाफ एजेंसियों ने जांच तेज कर दी है। एटीएस के बाद अब बाबा के खिलाफ ईडी जांच करेगी। उत्तर प्रदेश का जमालुद्दीन उर्फ छांगुर बाबा, जो कभी सड़कों पर अंगूठी और नग बेचकर गुजारा करता था, आज 100 करोड़ रुपये की संपत्ति का मालिक बताया जा रहा है। यूपी एटीएस (ATS) की जांच में उसके और उसकी संस्थाओं के खातों में 100 करोड़ से ज्यादा का लेनदेन सामने आया है।
अब प्रवर्तन निदेशालय (ED) इस मामले की मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत जांच करेगा। छांगुर बाबा को कुछ महीने पहले अवैध धर्मांतरण नेटवर्क चलाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले 5-6 सालों में उसने आलीशान कोठी, लग्जरी गाड़ियां, और फर्जी संस्थाएं खड़ी कर लीं।
देशभर में फैला नेटवर्क, 14 सहयोगियों की तलाश
एटीएस और एसटीएफ को छांगुर बाबा के 14 खास सहयोगियों की तलाश है। इनमें कथित पत्रकार पैमैन रिजवी, महबूब, पिंकी हरिजन, हाजिरा शंकर और सगीर शामिल हैं। यह नेटवर्क आजमगढ़, औरैया, सिद्धार्थनगर जैसे जिलों से संचालित होता था। कुछ सहयोगियों पर पहले से भी एफआईआर दर्ज हैं।
कोठी के अंदर कॉलेज खोलने की योजना
मधपुर गांव में बनी बाबा की आलीशान कोठी ही उसके पूरे नेटवर्क का मुख्य अड्डा थी। उसने उसी परिसर में डिग्री कॉलेज खोलने की योजना बनाई थी, जिसका भवन निर्माण शुरू भी हो गया था। लेकिन गिरफ्तारी के बाद ये योजनाएं ठप पड़ गई हैं।
इस्लामिक देशों की 50 बार यात्रा, विदेशी फंडिंग की जांच
यूपी के ADGP अमिताभ यश ने बताया कि छांगुर बाबा ने अब तक 40-50 बार इस्लामिक देशों की यात्रा की है। जांच में पता चला है कि उसने बलरामपुर में कई संपत्तियां खरीदी हैं। मामले में अब तक दो लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। साथ ही, शक है कि उसके नेटवर्क को विदेशी फंडिंग, खासकर खाड़ी देशों से मिली है, जिसकी जांच चल रही है।





