भारतमाला घोटाला: जांच तेज, चार टीमें जुटीं, कई नए आरोपी बन सकते हैं

रायपुर। छत्तीसगढ़ के रायपुर जिले में भारतमाला प्रोजेक्ट से जुड़े मुआवजा फर्जीवाड़े की जांच अब तेजी से हो रही है। रायपुर और धमतरी में चार जांच टीमें बनाई गई हैं, जो पीड़ितों के बयान ले रही हैं और मौके पर जाकर जमीन की हकीकत भी देख रही हैं। प्रशासन को अब तक 117 शिकायतें मिली हैं, जिनकी गहराई से जांच की जा रही है।
धमतरी में जांच कर रही एक टीम ने आईसीआईसीआई बैंक से सभी लेन-देन से जुड़ी रिपोर्ट भी हासिल की है। पता लगाया जा रहा है कि मुआवजा की रकम किन-किन खातों में भेजी गई। इन दस्तावेजों के आधार पर अब और नए आरोपियों के नाम सामने आ सकते हैं। प्रशासन ने कहा है कि 10 जुलाई तक सभी टीमों को अपनी रिपोर्ट संभाग आयुक्त महादेव कांवरे को देनी होगी। रिपोर्ट के आधार पर आगे की सख्त कार्रवाई की जाएगी। माना जा रहा है कि पहले से गिरफ्तार चार आरोपियों के साथ अब कुछ और लोगों के खिलाफ एफआईआर हो सकती है।
जांच में सामने आया है कि एक एकड़ जमीन पर भी 10 से 15 लोगों के नाम जोड़कर मुआवजा लिया गया। परिवार के सभी सदस्यों के नाम नामांतरण में शामिल कराकर ज्यादा पैसा निकाला गया। इस गड़बड़ी में कई पटवारी, तहसीलदार और एसडीएम भी शामिल थे। अब तक हरमीत सिंह खनूजा, उमा तिवारी, विजय जैन और केदार तिवारी को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। इनकी जमानत भी खारिज हो चुकी है। छह अफसरों को निलंबित किया गया है। जांच पूरी होते ही कुछ नए लोगों के नाम भी सामने आएंगे और उन पर कार्रवाई तय मानी जा रही है।





