कलेक्टोरेट की पुरानी बिल्डिंग बदहाल, कर्मचारी-आमजन परेशान

बिलासपुर: कलेक्टोरेट परिसर स्थित पुरानी कंपोजिट बिल्डिंग अपनी बदहाली पर आंसू बहा रही है, जिससे यहां कार्यरत कर्मचारी और प्रतिदिन आने वाले सैकड़ों आमजन बेहद परेशान हैं। बिल्डिंग में मौजूद 52 कार्यालयों के बावजूद, शौचालय से लेकर छत तक की स्थिति दयनीय है।
शौचालयों की दुर्दशा और पानी का अभाव: बिल्डिंग के शौचालयों में न तो दरवाजे हैं और न ही पानी की कोई व्यवस्था। यह स्थिति कर्मचारियों और आम लोगों के लिए असहनीय हो गई है, खासकर महिलाओं के लिए। कर्मचारियों का कहना है कि अधिकारियों के लिए अलग वाशरूम की सुविधा है, लेकिन बाकी सभी को इन्हीं बदहाल शौचालयों का उपयोग करना पड़ता है।
छतें टपक रही, रखरखाव का अभाव: शिक्षा विभाग, आदिवासी कल्याण, आबकारी, रजिस्ट्री, पशुधन और लोक यांत्रिकी स्वास्थ्य विभाग सहित कई महत्वपूर्ण कार्यालय इसी बिल्डिंग में संचालित हैं। इन विभागों की अधिकांश छतों में दरारें पड़ गई हैं, जिससे बारिश के दिनों में स्थिति और भी खराब हो जाती है। लंबे समय से रखरखाव न होने के कारण पूरी बिल्डिंग जर्जर होती जा रही है।
जिम्मेदार विभाग की अनदेखी: पुरानी कंपोजिट बिल्डिंग के रखरखाव की जिम्मेदारी आदिवासी कल्याण विभाग के पास है। परिसर में मौजूद दुकानों से मिलने वाला किराया और सभी कार्यालयों से मिलने वाली मेंटेनेंस राशि इसी विभाग के खाते में जाती है। इसके बावजूद, विभाग इस समस्या के समाधान के लिए कोई पहल नहीं कर रहा है। जब इस संबंध में विभाग के अधिकारियों से संपर्क किया गया, तो उन्होंने नए होने का हवाला देकर बात करने से इनकार कर दिया।
कर्मचारियों और आम जनता का कहना है कि महीनों से यह समस्या बनी हुई है, लेकिन किसी भी अधिकारी या विभाग द्वारा इस ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। ऐसे में उनकी परेशानी दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही है।





