मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े की अफसरों को दो टूक—”योजनाएं जमीन पर दिखें, नहीं तो बोरिया-बिस्तर बांधने की तैयारी करें”

रायपुर |
छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की सरकार सुशासन तिहार के माध्यम से जनता की समस्याओं को जमीनी स्तर पर सुनने और हल करने का अभियान चला रही है। इस बीच महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने अधिकारियों को सख्त चेतावनी दी है। उन्होंने कहा है कि अगर केंद्र और राज्य सरकार की योजनाएं जनता तक नहीं पहुंचीं, तो जिम्मेदार अफसरों को बोरिया-बिस्तर बांधने की तैयारी कर लेनी चाहिए।
गांव चलो अभियान के तहत पहुंच रहीं दूरस्थ क्षेत्रों में
मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े इन दिनों “गांव चलो” अभियान के तहत छत्तीसगढ़ के दूरदराज और पिछड़े इलाकों का दौरा कर रही हैं। इस दौरान उन्होंने देखा कि कई जगह सरकारी योजनाओं का लाभ आमजन तक नहीं पहुंच रहा, जिस पर उन्होंने नाराजगी जताई और अधिकारियों को कार्यशैली सुधारने की नसीहत दी।
मुख्यमंत्री की मंशा: अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे लाभ
मंत्री ने साफ कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय जनता के प्रति बेहद संवेदनशील हैं और वे खुद गांव-गांव जाकर योजनाओं की स्थिति का जायजा ले रहे हैं। ऐसे में अगर कोई अधिकारी लापरवाही करता है, तो उसे कार्यप्रणाली में सुधार लाना होगा, अन्यथा कार्रवाई तय है।
“जिम्मेदारी तय होगी, लापरवाही बर्दाश्त नहीं”
लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा,
“सरकार का मकसद है कि हर जरूरतमंद तक योजनाओं का लाभ पहुंचे। इसमें अगर कोई अधिकारी या कर्मचारी बाधा बना, तो उसे अपनी जिम्मेदारी खुद समझ लेनी चाहिए। सुशासन का मतलब सिर्फ कागजों में नहीं, जमीनी हकीकत में दिखना चाहिए।”
सुशासन तिहार बना प्रशासनिक सक्रियता का प्रतीक
मुख्यमंत्री के नेतृत्व में शुरू हुआ सुशासन तिहार छत्तीसगढ़ में प्रशासनिक जवाबदेही और पारदर्शिता की मिसाल बनता जा रहा है। मंत्री राजवाड़े का यह बयान यह स्पष्ट करता है कि साय सरकार लापरवाही के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति अपना रही है।





