पहलगाम हमले के बाद भारत पर साइबर हमला!, 10 दिन में 10 लाख साइबर अटैक
22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत पर 10 लाख से ज़्यादा साइबर हमले हुए हैं।

महाराष्ट्र साइबर की रिपोर्ट के अनुसार, हमले के 10 दिन के भीतर भारत की डिजिटल संपत्तियों को निशाना बनाया गया। इसमें डिफेंस, कम्युनिकेशन और एजुकेशन सेक्टर सबसे ज्यादा प्रभावित हुए।
साइबर वॉर: सिर्फ हमला नहीं, जंग है
महाराष्ट्र साइबर पुलिस के अधिकारी यशस्वी यादव ने कहा – ये साधारण साइबर हमले नहीं, बल्कि एक ‘डिजिटल युद्ध’ है।
पाकिस्तान और बांग्लादेश के ग्रुप्स पर शक
रिपोर्ट के मुताबिक, इन हमलों के पीछे पाकिस्तान, बांग्लादेश, मोरक्को और मिडल ईस्ट के ‘एडवांस्ड पर्सिस्टेंट थ्रेट (APT)’ ग्रुप्स का हाथ हो सकता है।
कमजोर साइबर सुरक्षा बनी वजह
हमलों की बड़ी वजह भारत की कमजोर साइबर सुरक्षा प्रोटोकॉल है। कई सिस्टम में पहले से मौजूद खामियों का फायदा उठाया गया।
सुरक्षा के लिए क्या करना ज़रूरी है?
विशेषज्ञों के सुझाव:
फायरवॉल की नियमित जांच
साइबर सिक्योरिटी ऑडिट
सिस्टम की कमजोरियों को पैच करना
DDOS अटैक का सिमुलेशन टेस्ट
यह टर्म्स समझना ज़रूरी है
फायरवॉल:
एक सुरक्षा दीवार जो नेटवर्क को अनधिकृत एक्सेस से बचाती है। यह सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर दोनों हो सकता है।
DDOS अटैक:
ऐसा हमला जिसमें एक साथ कई सिस्टम किसी सर्वर या वेबसाइट पर ट्रैफिक भेजते हैं, जिससे वह क्रैश हो जाता है।





