नक्सलियों का 5वां लैटर जारी, युद्ध विराम की लगाई गुहार

रायपुर। छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के खिलाफ सुरक्षाबलों की लगातार कार्रवाई जारी है.. जिससे नक्सल संगठनों में डर का माहौल छाया हुआ है.. बड़ी संख्या में आए दिन नक्सली आत्म समर्पण कर रहे हैं.. वहीं जो नक्सली अब तक संगठनों में जुड़े हुए हैं.. वो लैटर्स के जरिए लगातार, युद्ध विराम की गुहार लगा रहे हैं… और इस बार उन्होने डिप्टी सीएम विजय शर्मा का धन्यवाद भी जताया है… साथ ही BJP और कांग्रेस के बीच छिड़ी राजनीति को लेकर भी बात की… और ये जो लैटर है वो नक्सलियों का 5वां लैटर है.. इससे पहले 4 और लैटर जारी किए जा चुके हैं.. जिसमें कभी IED की जानकारी दी गई, तो कभी सुरक्षाबलों की कार्रवाई रोकने की बात कही गई… वहीं 2 अप्रैल 2025 को शांति वार्ता के लिए पहला पत्र जारी किया गया था.. जिसके महज 6 दिन बाद 9 अप्रैल 2025 को दूसरा पत्र जारी किया.. जबकि शांति वार्ता का तीसरा पत्र 18 अप्रैल 2025 को जारी किया गया है…वहीं पहले के दो बार अलग – अलग मुद्दों पर थे.. और महज 16 दिनों के अंदर शांति वार्ता का तीसरा पत्र, ये साबित करता है कि नक्सली अब संघर्ष नहीं शांति चाहते हैं…
वहीं इस बार जो 5वां पत्र जारी हुआ है…इसमें नक्सलियों की कम्युनिस्ट पार्टी के उत्तर- पश्चिम सब जोनल ब्यूरो के प्रभारी रूपेश ने जारी किया है.. जिसमें उन्होने फिर से युध्द विराम की अपील की और एक महिने का समय मांगा है…लैटर उसने लिखा है कि शांति वार्ता के लिए हमारा नेतृत्वकारी कामरेडों से मिलना ज़रूरी है, इसलिए सरकार से अपील है कि एक महीने तक सशस्त्र बलों के ऑपरेशन पर रोक लगाई जाए… वहीं उसने डिप्टी सीएम विजय शर्मा का भी जिक्र हुए आभार भी जताया है…
दरअसल डिप्टी सीएम विजय शर्मा का जिक्र करते हुए नक्सलियों के सब जोनल ब्यूरो के प्रभारी रुपेश ने लिखा मेरे पहले बयान पर तुरंत प्रतिक्रिया देने के लिए उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा को धन्यवाद… मेरी सुरक्षा की गारंटी देते हुए मेरी इस कोशिश को आगे बढ़ाने की अनुमति देने के लिए भी मैं उनका आभार व्यक्त करता हूं.,.
इसके अलावा पत्र में जहां सब जोनल ब्यूरो के प्रभारी रुपेश ने डिप्टी सीएम विजय शर्मा की तारीफ है.. वहीं बीजेपी और कांग्रेस के बीच चल रही नक्सलवाद की राजनिती पर किसी तरह की टिप्पणी करने से परहेज किया है.. और लिखा कि भाजपा और कांग्रेस नेताओं के उनके खिलाफ दिए बयानों का फिलहाल मैं जवाब नहीं दे रहा हूं.. अभी मैं एक विषय पर ध्यान दे रहा हूं…
बता दें कि लगातार नक्सलियो के आत्म सपर्पण और मुठभेड़ में ढेर होने से लगातार नक्सलियों का कुनबा घटता जा रहा है.. वहीं सरकार के नीतियों से प्रभावित होकर नक्सली मुख्यधारा में लौट रहे हैं.. इसी कड़ी में 18 अप्रेल को फिर बड़ी संख्या में नक्सलियों ने आत्म समर्पण किया..जिसके साथ ही सुकमा का एक गांव पुरी तरह से नक्सल मुक्त हो गया… जिसका मतलब ये भी है कि नक्सलियों के ठिकाने भी अब कम होते जा रहे हैं.. वहीं जो नक्सली बच रहे हुए हैं वो लैटर्स के जरिए सरकार से सुरक्षा की मांग कर रहे हैं और अपना अस्तित्व बचाए रखने की कोशिश कर रहे हैं.. वहीं नक्सलियों के लगातार लैटर्स पर कांग्रेस ने सवाल उठाएं और इनकी जांच की बात कही.. जिसपर नक्सल संगठनों ने टिप्पणी से मना किया है..





