भारतीय सेना: 9,400 करोड़ के रक्षा सौदे से मजबूती

भारतीय सेना ने अपनी रक्षा क्षमताओं को मजबूत करने के लिए 9,400 करोड़ रुपये के रक्षा सौदों पर हस्ताक्षर किए हैं। रक्षा मंत्रालय ने भारत फोर्ज, टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स, आर्मर्ड व्हीकल निगम लिमिटेड (AVNL), फोर्स मोटर्स और महिंद्रा एंड महिंद्रा के साथ यह समझौता किया है।
ATAGS: भारतीय तोपखाने की नई ताकत
ATAGS (155mm/52 कैलिबर एडवांस्ड टोव्ड आर्टिलरी गन सिस्टम) भारतीय सेना की आर्टिलरी क्षमता में क्रांति लाने के लिए तैयार है। यह दुनिया की पहली तोप है जो पूरी तरह इलेक्ट्रिक ड्राइव से संचालित होती है। इसकी 48 किमी तक की मारक क्षमता और उन्नत फायर कंट्रोल सिस्टम इसे हिमालयी इलाकों में तैनाती के लिए उपयुक्त बनाते हैं।
ATAGS से भारतीय सेना को अधिक गति और मारक क्षमता मिलेगी। यह तोप 15 सेकंड में 3 राउंड और 60 मिनट में 60 राउंड दागने की क्षमता रखती है। इसका 80% से अधिक हिस्सा स्वदेशी रूप से निर्मित है, जिससे आत्मनिर्भर भारत अभियान को भी बढ़ावा मिलेगा।
NAMIS: पाकिस्तान के टैंकों का जवाब
NAMIS (नाग मिसाइल सिस्टम – ट्रैक्ड वर्जन) भारतीय सेना के एंटी-टैंक वॉरफेयर में क्रांतिकारी बदलाव लाएगा। यह फायर-एंड-फॉरगेट तकनीक से लैस है, जिससे दुश्मन के टैंकों और बंकरों को सटीक रूप से निशाना बनाया जा सकता है। इसे LoC पर तैनात कर पाकिस्तान के VT-4 और अल-खालिद टैंकों का प्रभावी जवाब दिया जा सकता है।
5,000 हल्के सैन्य वाहन: तेजी और गतिशीलता
इन सौदों में सेना के लिए 5,000 हल्के सैन्य वाहन भी शामिल हैं, जो ऊबड़-खाबड़ इलाकों में भी सैनिकों और हथियारों को तेज गति से ले जाने में सक्षम होंगे। ये वाहन विशेष रूप से लद्दाख और अरुणाचल प्रदेश जैसे दुर्गम क्षेत्रों में सेना की तैनाती के लिए फायदेमंद साबित होंगे।
चीन और पाकिस्तान को कड़ा संदेश
यह रक्षा सौदा भारत की सैन्य ताकत को बढ़ाने के साथ-साथ चीन और पाकिस्तान को कड़ा संदेश भी देता है। आत्मनिर्भर भारत की दिशा में यह एक बड़ा कदम है, जिससे भारत विदेशी हथियारों पर निर्भरता कम करके अपने रक्षा क्षेत्र को मजबूत कर रहा है।





