वक्फ संशोधन विधेयक पर विवाद, उमर अब्दुल्ला ने दी चेतावनी

वक्फ (संशोधन) विधेयक को लेकर देशभर में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने इसे लेकर चेतावनी दी है कि किसी एक समुदाय को निशाना बनाना सही नहीं है और इससे तनाव बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि हर धर्म के अपने दायरे और चैरिटेबल काम होते हैं। मुसलमानों में यह ज्यादातर वक्फ के माध्यम से होता है। सिर्फ एक मजहबी दायरे को चुनकर निशाना बनाना गलत है और इससे सिर्फ तनाव बढ़ेगा।
AIMPLB ने की देशव्यापी आंदोलन की घोषणा
ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (AIMPLB) ने वक्फ संशोधन विधेयक के खिलाफ देशभर में आंदोलन की घोषणा की है। AIMPLB के सचिव मोहम्मद वकार उद्दीन लतीफी ने बयान जारी करते हुए कहा कि 17 मार्च को दिल्ली में हुए बड़े प्रदर्शन के बाद यह निर्णय लिया गया। AIMPLB की 31 सदस्यीय एक्शन कमेटी ने तय किया है कि वे सभी संवैधानिक, कानूनी और लोकतांत्रिक तरीकों का उपयोग करते हुए इस बिल का विरोध करेंगे।
आंदोलन के पहले चरण के तहत 26 मार्च को पटना और 29 मार्च को विजयवाड़ा में राज्य विधानसभाओं के सामने बड़े विरोध प्रदर्शन की योजना बनाई गई है। इसके अलावा जिला स्तर पर सेमिनार, संगोष्ठी और धरने आयोजित किए जाएंगे और राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपे जाएंगे। AIMPLB के प्रवक्ता एसक्यूआर इलियास ने सभी मुस्लिम संगठनों, नागरिक समाज समूहों, दलित, आदिवासी, ओबीसी और अन्य अल्पसंख्यक समुदायों के नेताओं का धन्यवाद करते हुए कहा कि उनके समर्थन के बिना दिल्ली में प्रदर्शन सफल नहीं हो सकता था।
बीजेपी सांसद ने विरोध को बताया ‘अराजकता फैलाने का प्रयास’
वक्फ JPC के अध्यक्ष और बीजेपी सांसद जगदंबिका पाल ने AIMPLB के विरोध को लेकर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि ये लोग देश में अस्थिरता पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं और अल्पसंख्यकों को गुमराह कर रहे हैं।
जगदंबिका पाल ने बताया कि AIMPLB को वक्फ JPC के सामने बुलाया गया था और उनकी बातों को रिकॉर्ड भी किया गया था। उन्होंने सवाल उठाया कि जब सरकार ने अभी तक संशोधित विधेयक भी नहीं लाया है, तो विरोध क्यों किया जा रहा है।
उन्होंने आगे कहा कि नया कानून गरीबों को लाभ पहुंचाने के लिए लाया जा रहा है और जो लोग इससे खुद लाभान्वित हुए हैं, उन्हें हटाया जाएगा। लेकिन इसके बावजूद कुछ लोग अराजकता फैलाने के लिए विरोध कर रहे हैं।
अब देखना होगा कि यह मामला कैसे आगे बढ़ता है और क्या सरकार AIMPLB की मांगों को ध्यान में रखती है या नहीं।





