वक्फ संशोधन बिल और अवैध भूमि कब्जे पर महाराष्ट्र में सियासी घमासान

महाराष्ट्र में वक्फ बोर्ड द्वारा अवैध भूमि कब्जे और वक्फ संशोधन बिल को लेकर सियासी घमासान मचा हुआ है। राज्य के राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने बयान दिया है कि वक्फ बोर्ड ने जिन जमीनों पर अवैध कब्जा किया है, सरकार उन्हें मुक्त कराने का काम करेगी। इस मामले में राज्य की कई जमीनों पर वक्फ बोर्ड ने दावा किया है, जिससे विवाद बढ़ता जा रहा है।
किसानों की जमीन पर वक्फ बोर्ड का दावा
महाराष्ट्र के लातूर जिले में वक्फ बोर्ड ने करीब 300 एकड़ जमीन पर अपना दावा ठोका है और इस संबंध में लगभग 103 किसानों को नोटिस भेजा है। किसानों का आरोप है कि वक्फ बोर्ड उनकी जमीनों को हड़पने की कोशिश कर रहा है। इस मामले की सुनवाई महाराष्ट्र स्टेट वक्फ ट्रिब्यूनल में चल रही है। लातूर ही नहीं, बल्कि मुंबई और अन्य जिलों में भी इस तरह के मामले सामने आ रहे हैं, जिससे किसानों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
वक्फ संशोधन बिल का विरोध
वक्फ संशोधन बिल के खिलाफ देशभर के मुस्लिम संगठन विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि यह बिल मुस्लिम संपत्तियों को कमजोर करने की कोशिश है। ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने हाल ही में दिल्ली के जंतर मंतर पर इस बिल के खिलाफ धरना भी दिया, जिसमें कई विपक्षी पार्टियों के नेता भी शामिल हुए।
हैदराबाद से सांसद और एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने भी इस बिल का कड़ा विरोध किया है। ओवैसी का कहना है कि सरकार का मकसद देश में सांप्रदायिक तनाव पैदा करना है और मुस्लिमों की मस्जिद, मजार और अन्य संपत्तियों को छीनना है। उन्होंने इसे गैर-संवैधानिक और गैर-कानूनी बताया है।
औरंगजेब की कब्र पर विवाद
वक्फ बिल के विवाद के बीच महाराष्ट्र में औरंगजेब की कब्र को लेकर भी सियासी बवाल हो रहा है। नागपुर में एक अफवाह के चलते हिंसा भड़क गई थी। घटना के बाद नागपुर के कुछ इलाकों में कर्फ्यू लगा दिया गया, जिसे तीन दिन बाद धीरे-धीरे हटाया जा रहा है।
यह विवाद छत्रपति संभाजी नगर जिले में स्थित औरंगजेब की कब्र को हटाने की मांग के कारण हुआ। विश्व हिंदू परिषद (विहिप) और बजरंग दल के विरोध प्रदर्शन के दौरान धार्मिक चादर जलाने की अफवाह से मामला और बढ़ गया।
क्या है आगे की राह?
वक्फ संशोधन बिल और अवैध भूमि कब्जे को लेकर महाराष्ट्र में सियासी गर्मी बढ़ती जा रही है। सरकार और मुस्लिम संगठनों के बीच इस मुद्दे पर तीखी बहस जारी है। अब देखना होगा कि सरकार और वक्फ बोर्ड के बीच यह मामला किस तरह सुलझता है।





