बांग्लादेश: ईद की लंबी छुट्टी के बीच महंगाई की मार से लोग परेशान

बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने ईद के मौके पर लोगों को बड़ी राहत देने की कोशिश की है। सरकार ने ऐलान किया है कि सरकारी नौकरी करने वाले मुसलमानों को इस बार ईद पर पूरे 9 दिन की छुट्टी दी जाएगी। रमज़ान के बीच में ही सरकार ने अधिसूचना जारी कर दी, जिससे कई लोग खुश हैं। लेकिन इस खुशी पर महंगाई की मार ने पानी फेर दिया है।
बांग्लादेश में इन दिनों महंगाई अपने चरम पर है। आलू, चीनी, प्याज और चिकन जैसी रोजमर्रा की चीजों की कीमतें तेजी से बढ़ी हैं। द डेली स्टार की रिपोर्ट के अनुसार, बांग्लादेश के थोक बाजार में आलू 30 टका प्रति किलो बिक रहा है, जो भारतीय मुद्रा में लगभग 22 रुपये के बराबर है। वहीं, चीनी 120 टका प्रति किलो की दर से मिल रही है। प्याज की कीमत 50 टका प्रति किलो और बैगन 90 टका प्रति किलो बिक रहा है।
चिकन की कीमतों में भी 3% की बढ़ोतरी देखी गई है, जबकि सरकार कई जगहों पर खुद स्टॉल लगाकर चिकन बेचने की कोशिश कर रही है। इसी तरह, सोयाबीन तेल और अन्य खाद्य पदार्थों की कीमतें भी आसमान छू रही हैं।
बांग्लादेश में मुसलमानों की आबादी लगभग 15 करोड़ है, जो कि देश की कुल जनसंख्या का 91% है। यह संख्या एशिया में भारत और पाकिस्तान के बाद सबसे ज्यादा है।
महंगाई बढ़ने की एक बड़ी वजह भारत के साथ बिगड़ते रिश्ते माने जा रहे हैं। बांग्लादेश की नई अंतरिम सरकार ने व्यापार में कमी का फैसला किया है, जिसका सीधा असर खाद्य पदार्थों की आपूर्ति पर पड़ा है।
महंगाई पर काबू पाने के लिए सरकार ने कई कदम उठाए हैं, जिनमें खाद्य पदार्थों पर टैक्स कम करना और खुद से बड़े शहरों में खाद्य उत्पाद बेचने का फैसला शामिल है। लेकिन इन प्रयासों का अब तक ज्यादा असर नहीं दिखा है।
ईद की लंबी छुट्टियों का ऐलान लोगों के लिए खुशी की खबर तो है, लेकिन लगातार बढ़ती महंगाई ने इस जश्न को फीका कर दिया है। आम लोगों की उम्मीदें सरकार के नए कदमों पर टिकी हुई हैं।





