CG Politics:रायपुर कांग्रेस में बदलाव की चर्चा, मुस्लिम नेता शहर अध्यक्ष पद के मजबूत दावेदार

CG Politics:रायपुर। छत्तीसगढ़ में कांग्रेस संगठन में बड़े बदलाव की चर्चाएं तेज हैं। रायपुर शहर कांग्रेस अध्यक्ष पद को लेकर कई नाम सामने आ रहे हैं, जिनमें मुस्लिम नेताओं की दावेदारी मजबूत मानी जा रही है। माना जा रहा है कि अगर कांग्रेस अपना वोट बैंक बनाए रखना चाहती है, तो शहर अध्यक्ष पद किसी मुस्लिम नेता को दिया जा सकता है।
मुस्लिम समाज का दावा क्यों मजबूत?
रायपुर में प्रदेश के सबसे ज्यादा मुस्लिम वोटर्स हैं। लेकिन अब तक चारों विधानसभा सीटों में कांग्रेस ने किसी मुस्लिम नेता को टिकट नहीं दिया। इससे मुस्लिम समुदाय में नाराजगी देखी जा रही है। कांग्रेस का इतिहास देखें तो 80 के दशक से रायपुर शहर अध्यक्ष पद पर मुस्लिम नेताओं की ही नियुक्ति होती रही है। स्वर्गीय अब्दुल हमीद हयात और स्वर्गीय इकबाल अहमद रिज़वी लंबे समय तक इस पद पर रहे। अब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मान रहे हैं कि यह परंपरा जारी रहनी चाहिए।
इस बार शहर कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए कई मुस्लिम नेता अपनी दावेदारी पेश कर रहे हैं। इनमें आसिफ मेमन, मोहम्मद असलम खान, शेख मुशीर खान, सारिक रईस खान, अब्दुल रब सिद्दीकी और सद्दाम सोलंकी जैसे नाम शामिल हैं। ये सभी लंबे समय से कांग्रेस में सक्रिय हैं और सामाजिक व राजनीतिक गतिविधियों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते रहे हैं।
वर्तमान अध्यक्ष की स्थिति
गिरीश दुबे 2020 से रायपुर शहर कांग्रेस के अध्यक्ष हैं, लेकिन हाल ही में हुए नगर पालिका और पंचायत चुनावों में कांग्रेस को बड़ा नुकसान हुआ। इस हार के बाद संगठन में बदलाव की चर्चाएं तेज हो गई हैं। पार्टी के अंदर भी यह चर्चा चल रही है कि अब नए नेताओं को मौका दिया जाना चाहिए।
लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस कई राज्यों में संगठन को मजबूत करने की योजना बना रही है। इसमें छत्तीसगढ़ भी शामिल है। पार्टी के अंदर से खबर मिल रही है कि प्रदेश अध्यक्ष और जिला समितियों में भी बड़े बदलाव हो सकते हैं। रायपुर में मुस्लिम वोटरों की संख्या को देखते हुए शहर अध्यक्ष पद पर किसी मुस्लिम नेता की नियुक्ति की संभावना जताई जा रही है।
क्या होगा कांग्रेस का अगला कदम?
अब सभी की नजर कांग्रेस हाईकमान के फैसले पर है। वरिष्ठ नेताओं का मानना है कि अगर कांग्रेस मुस्लिम समाज को खुश रखना चाहती है और अपना परंपरागत वोट बैंक बचाना चाहती है, तो रायपुर शहर अध्यक्ष पद किसी मुस्लिम नेता को दिया जाना चाहिए। अब देखना यह होगा कि कांग्रेस इस पर क्या फैसला लेती है।





