Bear Attack:भालू के शव की सूचना देने में देरी, वन विभाग ने बीट गार्ड को किया निलंबित

Bear Attack:गौरेला-पेंड्रा-मरवाही: मरवाही वनमंडल में भालू के शव की सूचना देरी से देने पर वन विभाग ने सख्त कार्रवाई की है। इस लापरवाही के कारण बीट गार्ड राकेश कुमार पंकज को निलंबित कर दिया गया है, जबकि डिप्टी रेंजर अश्वनी दुबे को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
भालू का शव 8 से 10 दिन पुराना था
कुछ दिन पहले मरवाही वनमंडल में एक भालू का शव मिला, जिसकी मौत 8 से 10 दिन पहले हो चुकी थी। हालांकि, इसकी सूचना वन विभाग को देरी से दी गई, जिससे यह मामला गंभीर हो गया। इसी को लेकर मरवाही वनमंडल DFO रौनक गोयल ने कड़ी कार्रवाई करते हुए बीट गार्ड को निलंबित कर दिया और डिप्टी रेंजर से जवाब मांगा है।
भालू की मौत स्वाभाविक थी, शिकार का मामला नहीं
DFO रौनक गोयल ने बताया कि भालू के शव का पोस्टमार्टम कराया गया, जिसमें उसके सभी अंग सुरक्षित पाए गए। जांच में यह साफ हुआ कि भालू की मौत शिकार के कारण नहीं हुई, बल्कि वह उम्रदराज था और उसकी स्वाभाविक मृत्यु हुई थी।
लापरवाही पर कड़ी कार्रवाई
वन विभाग के नियमों के अनुसार, अगर जंगल में किसी भी वन्यजीव की मौत होती है, तो उसकी सूचना तुरंत वरिष्ठ अधिकारियों को दी जानी चाहिए। लेकिन इस मामले में सूचना देने में लापरवाही बरती गई, जिस पर विभाग ने सख्त रुख अपनाया है।
भविष्य में और सख्ती की जाएगी
वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि आने वाले समय में इस तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जंगल में वन्यजीवों की सुरक्षा को लेकर सतर्कता जरूरी है, ताकि अगर किसी जानवर की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत होती है, तो तुरंत जांच हो सके।
वन विभाग का संदेश
DFO ने सभी वनकर्मियों को निर्देश दिए हैं कि अगर भविष्य में किसी वन्यजीव की मौत होती है, तो उसकी जानकारी तुरंत दी जाए। ऐसा न करने पर संबंधित कर्मचारियों पर कड़ी कार्रवाई होगी।





