नशे के खिलाफ जंग, तीर्थ यात्रा योजना में बदलाव – पंजाब कैबिनेट के बड़े फैसले

पंजाब:पंजाब सरकार की कैबिनेट बैठक में कई अहम फैसले लिए गए हैं। सरकार ने नशे के खिलाफ जारी कार्रवाई की सख्त मॉनिटरिंग के लिए कैबिनेट मंत्रियों की 5 सदस्यीय समिति गठित की है, जिसकी अध्यक्षता वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा करेंगे। यह कमेटी पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई की समीक्षा करेगी। समिति में नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री अमन अरोड़ा, परिवहन मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर, स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिंह और उद्योग मंत्री तरणप्रीत सिंह सोंध शामिल हैं।कैबिनेट बैठक के बाद वित्त मंत्री हरपाल चीमा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि एनआरआई कमीशन की सालाना रिपोर्ट को मंजूरी दी गई है और वाटर एमेंडमेंट एक्ट-2024 में बदलाव किया गया है, जिसमें अब सजा की बजाय 5000 से 15 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जाएगा।
सरकार ने प्रशासनिक प्रक्रियाओं को आसान बनाने के लिए भी महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। अब बच्चे के जन्म के एक साल के भीतर रजिस्ट्रेशन न होने पर मजिस्ट्रेट की मंजूरी लेने की जरूरत नहीं होगी, बल्कि डीसी को अधिकार दिया गया है कि वे सेल्फ डिक्लरेशन के आधार पर सर्टिफिकेट जारी कर सकें। इसी तरह, बीमारी से मौत होने पर डॉक्टर को सर्टिफिकेट में उसकी स्पष्ट वजह दर्ज करनी होगी। तीर्थ यात्रा योजना में भी बदलाव किए गए हैं। पहले यह योजना ट्रांसपोर्ट विभाग के अधीन थी, लेकिन अब इसकी समीक्षा की जाएगी और इसके लिए एक नई कमेटी का गठन किया जाएगा।
वित्तीय मामलों पर चर्चा करते हुए वित्त मंत्री ने बताया कि 2022 तक सरकार को एक्साइज से 6100 करोड़ रुपये की आमदनी होती थी, जो 2024-25 में 10200 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है। आगामी वित्त वर्ष के लिए 11020 करोड़ रुपये का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें ई-टेंडरिंग के जरिए पारदर्शिता बरती जाएगी। राज्य में 207 ग्रुप बनाए गए हैं और 25 फीसदी का वेरिएशन रखा गया है। देसी शराब के कोटे को 3 फीसदी निर्धारित किया गया है, वहीं थोक लाइसेंस की फीस 5 लाख से घटाकर 2.5 लाख रुपये कर दी गई है।





