प्रवासीय पक्षियों गढ़ बना खैरागढ़, यहाँ हर साल आते है विदेशी पक्षी

खैरागढ़ : छत्तीसगढ़ का खैरागढ़ जिला अब प्रवासीय पक्षियों गढ़ बन गया है. यहां पक्षियों की 213 प्रजातियां पाई गई है, जो देश- विदेश से यहां से आए हुए है. इसमें रूस से आने वाले कॉमन क्रेन की मौजूदगी भी दर्ज की गई है. इसके अलावा, 90 पेंटेड स्टॉर्क्स और 1100 से अधिक प्रवासी बत्तखें, जिनमें नॉर्दर्न शोवलर, यूरेशियन कर्ल्यू और कॉमन पोचार्ड भी पाई गईं है
सर्वेक्षण की सबसे उल्लेखनीय खोज रूस से आने वाले कॉमन क्रेन की मौजूदगी रही। इसके अलावा, 90 पेंटेड स्टॉर्क्स और 1100 से अधिक प्रवासी बत्तखें, जिनमें नॉर्दर्न शोवलर, यूरेशियन कर्ल्यू और कॉमन पोचार्ड यहां पाई गईं।
दुर्लभ मालाबार पाइड हॉर्नबिल, बार-हेडेड गूज़, पेरेग्रीन फाल्कन और ग्रे-हेडेड लैपविंग जैसे विशेष पक्षियों की उपस्थिति ने इस क्षेत्र के महत्व को और बढ़ा दिया है।
बतो दें कि छत्तीसगढ़ बायोडायवर्सिटी बोर्ड और खैरागढ़ वन विभाग के नेतृत्व में एक सर्वेक्षण किया गया.. जिसने क्षेत्र की असाधारण जैव विविधता को उजागर किया है…वहीं DFO आलोक तिवारी ने बताया कि वेटलैंड की विशेषता केवल पक्षियों तक ही सीमित नहीं है… यहां यूट्रीकुलेरिया नामक एक अनूठा कीटभक्षी पौधा पाया गया है, जो जल को स्वच्छ रखने में मदद करता है…
नाजास, वेलिसनेरिया और लिम्नोफिला जैसे जलीय पौधे प्रवासी पक्षियों के लिए भोजन का स्रोत हैं। मछलियों में रोहू, कतला, पोठी, मोला और टेंगना प्रमुख हैं, जो पारिस्थितिकी तंत्र को संतुलित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
प्रकृति शोध एवं संरक्षण सोसाइटी के सदस्य प्रतीक ठाकुर के मुताबिक, स्थानीय पर्यावरण की सुरक्षा के लिए स्कूलों और गांवों में जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। वेटलैंड के आसपास डस्टबिन और साइनबोर्ड लगाए गए हैं ताकि इस अनमोल धरोहर की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
इस सर्वेक्षण से यह स्पष्ट होता है कि यदि इस क्षेत्र को ईको-टूरिज्म से जोड़ा जाए तो यह जगह पक्षी प्रेमियों, शोधकर्ताओं और पर्यटकों के लिए एक प्रमुख आकर्षण बन सकती है। इसके लिए स्थानीय समुदाय की भागीदारी बेहद आवश्यक होगी।
खैरागढ़ का यह वेटलैंड सर्वेक्षण न केवल यहां की जैव विविधता को उजागर करता है, बल्कि हमें प्रकृति के इन अनमोल खजानों को बचाने की जिम्मेदारी भी याद दिलाता है। यदि इन वेटलैंड्स को संरक्षित किया जाए, तो आने वाले वर्षों में यह छत्तीसगढ़ का सबसे बड़ा पक्षी विहार बन सकता है।





