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क्या है रायपुर मास्टर प्लान 2031, जिसमें जल्द होगा बदलाव

रायपुर : नगरीय निकाय चुनाव की प्रक्रिया पुरी हो चुकी है..जिसमें bjp को प्रचंड बहुमतों से जीत मिली है…वहीं नगरीय निकाय चुनाव के लिए आदर्श आचार संहिता भी खत्म हो चुकी है.. और अब तैयारी है राजधानी रायपुर के मास्टर प्लान में बदलाव की.. जो जल्द ही शुरु होगा.. पिछली सरकार में इस मास्टर प्लान में काफी गड़बड़ियां पाई गई थी… जिसकी जांच पुरी हो गई है… और अब इसमें बदलाव की तैयारी है….

क्या था रायपुर मास्टर प्लान- 2031

दरअसल तेजी से बढ़ती शहर की आबादी को ध्यान में रखते हुए 30 लाख लोगों के हिसाब से, ये मास्टर प्लान तैयार किया गया है… इसमें 106 गांवों को भी शामिल किया गया है… इसके बाद रायपुर शहर का कुल दायरा 50 हजार 72 हेक्टेयर का हो जाएगा। इसमें 35 हजार 553 हेक्टेयर क्षेत्र को विकसित करने का प्रस्ताव दिया गया है…जो कि कुल निवेश क्षेत्र का लगभग 70 प्रतिशत है। इसमें 100 नई एमआर सड़कें बनाने का प्रस्ताव भी था, जो पुराना धमतरी रोड, नया धमतरी रोड, बलौदाबाजार रोड, बिलासपुर रोड के आसपास विकसित भूमि के लिए प्रस्तावित है। इनकी चौड़ाई 30 मीटर, 45 मीटर और 60 मीटर होगी।

क्या थी मास्टर प्लान की गड़बड़ियां

वहीं, राज्य में पिछले साल कांग्रेस की सरकार बदलते ही राजधानी रायपुर के मास्टर प्लान को लेकर बड़ा खुलासा हुआ। मास्टर प्लान की प्रारंभिक जांच में पता चला कि ग्रीन लैंड को आवासीय और कृषि जमीन को कमर्शियल में बदल दिया गया। डेढ़ दर्जन से ज्यादा तालाबों का उपयोग भी बदला गया है। तालाबों की जमीन पर बनाए गए मकानों को वैध कर दिया गया है। स्कूल की जमीन को मिश्रित लैंड यूज में बदला गया है। जिसे लेकर कहा जा रहा था कि कई बड़े रसूखदारों को फायदा पहुंचाने के लिए ऐसा किया गया है…

मास्टर प्लान में सामने आई गड़बड़ी के बाद जांच कराने अफसरों की कमेटी बनाई गई है.. जिसने करीब दस महीने जांच की…जिसमें खुलासा हुआ कि कई प्राइम लोकेशन की जमीनों का लैंड यूज बदला गया है। साथ ही बताया गया कि प्लान में जो गड़बड़ी मिली है उसमें कई रसूखदार, बिल्डर और राजनेताओं की जमीन है…

क्या थी प्रमुख गड़बड़ियां

• गुमा में एक बड़े बिल्डर को फायदा पहुंचाने के लिए खेती की 10 एकड़ से ज्यादा जमीन को औद्योगिक लैंड में बदला।

• डूंडा, गोदवारा, अमलीडीह, अटारी, हीरापुर समेत कई जगह नई सड़क का प्रस्ताव ही नहीं दिया।

• केके रोड में एक समाज के स्कूल की शैक्षाणिक जमीन का उपयोग बदलकर मिश्रित लैंडयूज कर दिया गया।

• 22 तालाबों की जमीन पर हेरफेर किया गया। तालाब के उपयोग को बदलकर अवैध को वैध किया।

• डूमरतराई, अमलीडीह, तेलीबांधा, डूंडा और शंकरनगर तालाब के बड़े हिस्से में बने निर्माण को वैध कर दिया गया।

क्या होंगे बदलाव 

बता दें कि मास्टर प्लान को लेकर कुल 146 शिकायतें मिली थी… जिनमें कुछ सुझाव भी थे.. इन शिकायतों और सुझावों की जांच कर रिपोर्ट, संचालक नगर और ग्राम निवेश को सौंपी गई… जिसमें अब अंतिम निर्णय लिया जाएगा… इसे लेकर अधिकारियों का कहना है कि मास्टर लान में प्रस्तावित भूमि उपयोग में संशोधन से पहले लोगों से दावा आपत्ति मंगाकर, निराकरण के बाद भुमि उपयोग में बदलाव किया जाएगा… और राजधानी के 76 मध्यवर्ती सड़कों को फिर से मास्टर प्लान में शामिल करने की अनुशंसा की जाएगी.. इसके अलावा औद्योगिक या वाण्यिजिक भुमि या असंगत भुमि में सुधार की बात कही गई…

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