Business news : क्या आप भी बनना चाहते हैं करोड़पति, तो अपनाए गुरजोत अहलूवालिया की ये स्ट्रेटजी…

नई दिल्ली : मध्यम वर्ग से आने वाले हर व्यक्ति का सपना होता है, एक गाड़ी, खुद का घर और एक अच्छी नौकरी, जिसके लिए लगभग वो सारी जिंदगी मशक्कत करता है.वहीं कुछ 2-4% लोग ऐसे भी होते हैं. जो मिडिल क्लास परिवेश से उभर कर कुछ बड़ा कर जाते हैं.
इन्हीं में से एक हैं गुरजोत अहलूवालिया. राजधानी दिल्ली से सटे मेट्रो सिटी गुरुग्राम में रहने वाले एक मिडिल क्लास शख्स ने प्राइवेट नौकरी करते हुए सिर्फ 11 साल में 5 करोड़ की संपत्ति बना ली. प्राइवेट कंपनी एक्सेंचर के एंप्लॉय गुरजोत अहलूवालिया ने अपनी इस फाइनेंशियल जर्नी के बारे में सोशल मीडिया पर पोस्ट किया है.
अहलूवालिया ने सिर्फ 11 सालों में यह नेटवर्थ बनाई और 2024 को अपनी सबसे बड़ी उपलब्धि बताया. गुरजोत ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में अपनी फाइनेंशियल ट्रैकिंग ऐप का एक स्क्रीनशॉट साझा किया, जिसमें उनकी कुल संपत्ति 5 करोड़ रुपये दिखाई गई है, जबकि उनके पास केवल 2.7 लाख रुपये की देनदारी थी.
क्या है गुरजोत की सक्सेस स्ट्रेटजी-
- करियर ग्रोथ: इनकम को लगातार बढ़ाने के लिए करियर में लगातार ग्रोथ.
2. डिसिप्लिन सेविंग: फिजूल खर्च ना करके सेविंग पर फोकस.
3. स्मार्ट इन्वेस्टमेंट: शेयर बाजार में स्मार्ट इन्वेस्टमेंट.
गुरजोत मानते हैं कि इन तीन स्ट्रेटजी से उन्हें काफी फायदे मिला. इसकी मदद से वे फोक्स्ड होकर सेविंग और इन्वेस्टमेंट कर पाये. उन्होंने आगे कहा कि मेरे ऊपर कोई एजुकेशन लोन नहीं था, क्योंकि उनकी पढ़ाई का खर्च उनके माता-पिता ने उठाया. इसके अलावा वे अपने माता-पिता के साथ रहते थे जिससे उन्हें रेंट नहीं देना पड़ा. इससे भी बड़ी बचत हुई.
हालांकि, गुरजोत ने माना कि हाल ही में शेयर बाजार में गिरावट की वजह से उनकी संपत्ति में 8-10% की कमी आई है. Nifty इंडेक्स 10% से ज्यादा गिर चुका है, और मिड-कैप व स्मॉल-कैप शेयरों में और भी ज्यादा गिरावट आई है. लेकिन वे लॉन्ग टर्म इन्वेस्टमेंट स्ट्रेटजी में विश्वास रखते हैं.
उन्होंने कहा कि बाजार में बने रहना, बाजार के समय को पकड़ने से ज्यादा जरूरी है. उनका मानना है कि लगातार इन्वेस्टमेंट और धैर्य से लॉन्ग टर्म में बढ़िया फायदा मिलता है.
गुरजोत की इस उपलब्धि पर सोशल मीडिया यूजर्स जमकर तारीफ कर रहे हैं. एक यूजर ने लिखा, “बहुत-बहुत बधाई! आप बहुत समझदार और स्मार्ट निवेशक हैं.” दूसरे ने कहा, “तुरंत पैसा खर्च करने की प्रवृत्ति बहुत संपत्ति को नष्ट कर देती है. धैर्य और अनुशासन ही सफलता की कुंजी है.” तीसरे ने उनकी रणनीति को सराहते हुए लिखा, “लंबे समय तक इन्वेस्टमेंट करना ही असली सफलता का राज़ है.”





