CGPSC Scam: डीएसपी पद पर चयनित केंडीडेट्स को CBI ने कोर्ट में किया पेश

रायपुर। छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) घोटाले की जांच में CBI ने तेजी दिखाते हुए 3 चयनित अभ्यर्थियों को गिरफ्तार किया है। ये अभ्यर्थी डिप्टी कलेक्टर (DC) और DSP के पद पर चयनित थे। CBI ने साहिल सोनवानी, शशांक गोयल और भूमिका कटियार से पूछताछ की और उन्हें रायपुर कोर्ट में पेश किया।
साहिल सोनवानी, जो कि पूर्व चेयरमैन टामन सोनवानी के भतीजे हैं, डिप्टी कलेक्टर पद पर चयनित हुए थे। CBI ने शनिवार को टामन के बेटे नीतेश सोनवानी और डिप्टी एग्जाम कंट्रोलर ललित गणवीर को भी गिरफ्तार किया था। इन दोनों को कोर्ट ने 13 जनवरी तक CBI रिमांड पर भेजा है।
नीतेश का सरनेम नहीं था चयनित सूची में
नीतेश सोनवानी पीएससी 2021 में डिप्टी कलेक्टर के पद पर 7वीं रैंक पर चयनित हुए थे, लेकिन उनकी चयन सूची में सिर्फ नाम था, सरनेम नहीं था। यह पहली बार था जब पीएससी की सूची में किसी उम्मीदवार का सिर्फ नाम लिखा गया, जिससे मामले की संदिग्धता और बढ़ गई है। अन्य आरोपियों के खिलाफ जांच जारी है।





