गणतंत्र दिवस समारोह- 2025 : दिल्ली के कर्तव्य पथ पर कदम ताल करेगा टिमरनी का बेटा ऋषिकेश बिल्लौरे..

टिमरनी। एनसीसी के हर कैडेट्स का सपना होता है कि वह RDC ( रिपब्लिक डे कैंप ) के लिए चयनित हो। इस सपने को सच कर दिखाया है टिमरनी के बेटे ऋषिकेश बिल्लौरे ने। वे मध्यप्रदेश- छत्तीसगढ़ एनसीसी एयर विंग के बेस्ट कैडेट के रूप में चुने गए हैं।
अगले माह ( गणतंत्र दिवस समारोह- 2025 ) दिल्ली के कर्तव्य पथ पर होने वाली परेड में शामिल होकर वे तिरंगे को सलामी देंगे। RDC के लिए चयन प्रक्रिया का क्रम अगस्त 2024 से ही शुरू हो गया था।
पाँच कैंपों में ऋषिकेश ने परेड परीक्षण, फायरिंग में दक्षता, ऑफिसर्स को इंटरव्यू, ग्रुप डिस्कशन, लिखित परीक्षा की परिणाम सूची में लगातार अपना स्थान बनाए रखा।
डायरेक्टेड के अंतर्गत आने वाले करीब 40 हजार कैडेट्स के बीच हुई प्रतियोगिता के बाद इन तीन बेस्ट कैडेस्ट्स को चुना गया है। इसी तरह अलग अलग विधा के दल का चयन किया गया। इन्हें फ्लैग ऑफ सेरेमनी के बाद गुरुवार को भोपाल एक्सप्रेस से RDC दिल्ली के लिए रवाना किया गया।
परिवार में गौरव का दूसरा मौका
इसके पूर्व परिवार में 2011में गौरव का क्षण आया था, तब RDC के लिए भानु बिल्लौरे का चयन हुआ था। वे इंदौर के खालसा कॉलेज के छात्र थे। एनसीसी का ” सी ” सर्टिफिकेट हासिल किया था। दिल्ली RDC से लौटने के बाद डिफेंस का उन पर ऐसा जुनून सवार हुआ कि भानु ने वायुसेना को ज्वाइन किया।
कैसे चढ़ा एयर विंग का जुनून
- भारतीय वायु सेना के विंग कमांडर अभिनंदन वर्धमान…। इस नाम से तो पूरी दुनिया की आर्मी परिचित है। उनके शौर्य ने दुनिया के युवाओं का कितना ध्यान खींचा, यह तो ठीक ठीक पता नहीं, लेकिन भारतीय युवाओं के लिए वे रोल माडल बन गए थे, और अभी भी हैं ।
- स्मरण ही होगा विंग कमांडर अभिनंदन ने पाक के हवाई जहाज ( एफ- 16 ) को , मिग- 21 से मार गिराया था और ख़ुद पैराशूट से कूद गए थे।
- पाकिस्तान की जमीं पर लैंड करने के बाद उनके साथ क्या- क्या हुआ, इससे भी दुनिया परिचित है…..। आखिरकार विंग कमांडर अभिनंदन सकुशल भारत लौटे थे।
- इस घटना का टीवी और अखबारों में व्यापक स्तर पर प्रचार- प्रसार हुआ था। इसका भारतीय युवाओं के मन मस्तिष्क पर गहरा असर हुआ था।
- युवाओं ने अभिनंदन की तरह देश सेवा का संकल्प लिया था। वही जज़्बा, जुनून लेकर कुछ युवा अपने लक्ष्य की ओर बढ़ रहे हैं। उनमें से एक हैं टिमरनी के बेटे ऋषिकेश बिल्लौरे।





