कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने की PM से अपील ,’मनमोहन सिंह की समाधि के लिए दें जगह’

पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह का 92 वर्ष की आयु में 26 दिसंबर 2024 को निधन हो गया। उन्होंने दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) में अंतिम सांस ली। उनका निधन भारतीय राजनीति और समाज के लिए एक बड़ी क्षति है। इस अवसर पर कई नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की और उनकी योगदानों को याद किया। पूर्व पीएम के निधन के बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील की कि मनमोहन सिंह की समाधि के लिए एक उपयुक्त स्थल की व्यवस्था की जाए। यह अपील उनके योगदान और देश के प्रति उनकी निष्ठा को सम्मानित करने के उद्देश्य से की गई।

मनमोहन सिंह का अंतिम संस्कार

मनमोहन सिंह का अंतिम संस्कार शनिवार को किया जाएगा। इससे पहले, उनका पार्थिव शरीर शनिवार सुबह कांग्रेस मुख्यालय में अंतिम दर्शन के लिए रखा जाएगा, ताकि पार्टी कार्यकर्ता और देशवासी उन्हें अंतिम श्रद्धांजलि अर्पित कर सकें।

देश के नेताओं का श्रद्धांजलि अर्पित करना

मनमोहन सिंह के निधन के बाद, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, कांग्रेस संसदीय दल की प्रमुख सोनिया गांधी, पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी और कई प्रमुख नेताओं ने शुक्रवार को पूर्व प्रधानमंत्री के आवास पर जाकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। तिरंगे में लिपटे उनके पार्थिव शरीर को फूलों से सजे ताबूत में रखा गया था, और इस अवसर पर कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता, अन्य राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि, तथा उनके परिवार के सदस्य भी उपस्थित थे। मनमोहन सिंह की पत्नी गुरशरण कौर और उनके परिवार के अन्य सदस्य भी इस दौरान वहां मौजूद थे।

प्रधानमंत्री मोदी का शोक संदेश

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मनमोहन सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उनका निधन देश के लिए एक बड़ी क्षति है। मोदी ने वीडियो संदेश में कहा कि मनमोहन सिंह एक दयालु इंसान, विद्वान अर्थशास्त्री, और आर्थिक सुधारों के जरिए देश को एक नए युग में ले जाने वाले नेता के रूप में याद किए जाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि मनमोहन सिंह का जीवन आने वाली पीढ़ियों को यह सिखाएगा कि कैसे विपरीत परिस्थितियों से ऊपर उठकर ऊंचाइयों को प्राप्त किया जाता है।

मनमोहन सिंह का संघर्षपूर्ण जीवन

प्रधानमंत्री मोदी ने मनमोहन सिंह के जीवन को प्रेरणा का स्रोत बताते हुए कहा कि विभाजन के दौरान भारत आने के बाद, बहुत कुछ खोने के बावजूद, उन्होंने अपने जीवन में बड़ी उपलब्धियां हासिल की। उनका जीवन हर क्षेत्र में सफलता की मिसाल था, और उन्होंने भारतीय अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

मनमोहन सिंह की कड़ी मेहनत और समर्पण ने उन्हें न केवल एक सशक्त नेता बनाया, बल्कि वे देश की आर्थिक नीति के प्रमुख निर्माता भी रहे। उनके कार्यकाल में भारतीय अर्थव्यवस्था ने कई कठिनाइयों का सामना किया, और उन्होंने सुधारों के जरिए उसे नया दिशा दी।

 

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