मनु भाकर को खेल रत्न अवॉर्ड से बाहर किए जाने पर परिवार ने जाहिर की नाराजगी

निशानेबाज मनु भाकर के खेल रत्न अवॉर्ड में नाम न होने पर उनके परिवार ने नाराजगी जताई है। मनु भाकर के पिता, रामकिशन भाकर, ने इस पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की और कहा कि खेल विभाग के अधिकारी सरकार की छवि को खराब करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस बड़े अवॉर्ड के लिए मनु भाकर का नाम न देना, सीधे तौर पर खेल का अपमान है।
पिता का बयान
रामकिशन भाकर ने बताया, “मनु भाकर ने 106 साल के इतिहास में एक ओलंपिक में देश को दो मेडल दिलाए हैं। उन्हें भारत सरकार से खेल रत्न अवॉर्ड मिलना चाहिए।” उन्होंने यह भी कहा कि मनु पिछले दो-तीन वर्षों से लगातार पुरस्कारों के लिए आवेदन कर रही हैं, जिनमें खेल रत्न, पद्मभूषण और पद्मश्री अवॉर्ड शामिल हैं। रामकिशन ने अपने अनुभव को साझा करते हुए बताया कि वह खुद इस प्रक्रिया के गवाह रहे हैं।
मनु भाकर की उपलब्धि
हरियाणा के झज्जर की रहने वाली मनु भाकर ने पेरिस ओलंपिक 2024 में भारत के लिए शूटिंग में दो ब्रॉन्ज मेडल जीते थे। यह भारत के खेल इतिहास में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। मनु भाकर एक ही ओलंपिक में दो मेडल जीतने वाली पहली भारतीय महिला खिलाड़ी बनीं।
अवॉर्ड के लिए आवेदन नहीं होने की अफवाह
पहले यह अफवाह फैली थी कि मनु भाकर ने खेल मंत्रालय से इस अवॉर्ड के लिए आवेदन नहीं किया है, जिससे उनका नाम सूची में नहीं डाला गया। लेकिन इस पर उनके पिता ने साफ किया कि मनु ने कई बार आवेदन किया है और यह जानकारी गलत है।
खेल मंत्रालय की स्थिति
खेल मंत्रालय ने इस मुद्दे पर अपनी स्थिति स्पष्ट की है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मंत्रालय ने कहा है कि अभी तक आखिरी सूची तय नहीं की गई है। खेल मंत्रालय के मंत्री, मनसुख मांडविया, ने बताया कि फाइनल लिस्ट पर निर्णय अगले एक-दो दिनों में लिया जाएगा। सूत्रों के मुताबिक, मनु भाकर के नाम के शामिल होने की संभावना अभी भी बनी हुई है।





