खंडवा जिला अस्पताल में बहू तड़प रही थी, परिवार के लोग स्टाफ को उसे देखने की गुहार लगाते रहे… सुबह हो गई मौत..

खंडवा । खंडवा जिला अस्पताल सह मेडीकल कॉलेज में एक और प्रसूता की मौत हो गई। स्वजन ने डॉक्टर व स्टाफ पर लापरवाही के आरोप लगाते हुए अस्पताल परिसर में हंगामा खड़ा कर दिया। स्वजन इतने आक्रोशित थे कि अस्पताल में करीब तीन घंटे हंगामा चला।

स्वजन इस पर बात पर अड़े थे कि जब तक लापरवाही बरतने वालों पर सख्त कार्रवाई नहीं होगी। हम पीएम नहीं होने देंगे। सूचना पर सीएसपी अरविंद तोमर, मोघट टीआई धीरेश धारवाल, तहसीलदार सहित अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे और काफी देर समझाइश के बाद स्वजन को शांत कराया। स्वजन को लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया। जिसके बाद स्वजन माने और मृतिका का पीएम कराने के लिए राजी हुए।

शनिवार दोपहर 12 बजे महिला को अस्पताल लाए थे

जानकारी के अनुसार आरती पति अंकित निवासी छैगांवमाखन को स्वजन दर्द होने पर शनिवार दोपहर करीब 12 बजे जिला अस्पताल लाए थे। यहां आरती ने बेटे को जन्म दिया। शाम तक जच्चा-बच्चा स्वस्थ थे। रात करीब दो बजे आरती को दर्द होने लगा और उल्टियां शुरू होने लगी।

सास अनिता कनाड़े के अनुसार रात में यहां कोई डॉक्टर उपलब्ध नहीं था। स्टाफ नर्सों को जानकारी दी तो उन्होंने ध्यान नहीं दिया और कहा कि ऐसा होता है। स्टाफ नर्सों पर स्वजन ने मोबाइल में व्यस्त रहने का आरोप लगाया।

कहा कि रात में मरीज पर ध्यान नहीं दिया गया और सुबह करीब सात बजे उसने दम तोड़ दिया। स्वजन को सुबह मौत की जानकारी मिले ही उन्होंने हंगामा शुरू कर दिया। वहीं बताया जा रहा है नवजात बालक की भी हालत गंभीर बनी हुई है।

स्टाफ पर रुपये लेने का भी आरोप

आरती की सास अनिता कनाड़े ने कहा कि ‘मैं यहीं चाहूंगी कि मेरी बहू को न्याय मिले। रात में ड्यूटी कर रहे स्टॉफ को नौकरी से निकाला जाए, इन्हें किसी की जान की कोई किमत नहीं है। हमारे साथ जो हुआ, वो किसी के साथ नहीं होना चाहिए। इसके साथ ही वे लोग दो संतानों के भरण-पोषण और पढ़ाई का आजीवन खर्च भी उठाएं।’

वहीं अन्य स्वजन ने कहा कि उनसे हर बात पर पैसे की डिमांड की गई। ओटी से वार्ड तक प्रसूता को लाने वाले स्टॉफ ने 500 रुपए लिए। इसके बाद अलग-अलग स्टाफ ने रात में ही दो हजार रुपए ले लिए।

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