NSUI प्रदर्शन: 5 एकड़ जमीन आवंटन पर विश्वविद्यालय में बवाल, NSUI ने तोड़ा प्रशासनिक भवन का ताला….
कुलपति से मुलाकात नहीं होने पर भड़के छात्र

गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय का नाता विवादों से पुराना रहा है… (NSUI प्रदर्शन) कभी विश्वविद्यालय परिसर में छात्र की मौत को लेकर सवाल उठे, तो कभी कार्यक्रम में बुलाए गए अतिथि के साथ कथित दुर्व्यवहार का मामला सुर्खियों में रहा। अब 5 एकड़ शासकीय जमीन अग्रवाल समाज को आवंटित किए जाने के मुद्दे ने एक बार फिर विश्वविद्यालय को विवादों के केंद्र में ला दिया है। विरोध में NSUI कार्यकर्ता विश्वविद्यालय पहुंचे, जमकर नारेबाजी की और कुलपति से मुलाकात की मांग की। काफी देर तक इंतजार के बाद प्रदर्शनकारियों ने प्रशासनिक भवन का ताला तोड़कर अंदर प्रवेश किया और अपना विरोध जारी रखा
NSUI का प्रदर्शन; कुलपति से मुलाकात नहीं होने पर भड़के छात्र. (NSUI प्रदर्शन)
मामला 5 एकड़ शासकीय जमीन के आवंटन से जुड़ा है। NSUI का आरोप है कि अग्रवाल समाज को जमीन दिए जाने के फैसले में पारदर्शिता नहीं बरती गई और विश्वविद्यालय की जमीन के इस्तेमाल को लेकर प्रबंधन को स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। इसी मांग को लेकर बड़ी संख्या में NSUI कार्यकर्ता विश्वविद्यालय पहुंचे। प्रशासनिक भवन के बाहर काफी देर तक नारेबाजी और प्रदर्शन चलता रहा। प्रदर्शनकारी कुलपति से मुलाकात कर अपना पक्ष रखना चाहते थे, लेकिन आरोप है कि काफी देर तक कुलपति बाहर नहीं आए। इसके बाद प्रदर्शनकारियों का आक्रोश बढ़ता गया और उन्होंने प्रशासनिक भवन का ताला तोड़कर अंदर प्रवेश कर लिया।
गुरु घासीदास विश्वविद्यालय में फिर गरमाया विवाद
प्रशासनिक भवन का ताला टूटने के बाद NSUI कार्यकर्ता अंदर पहुंचे और विरोध प्रदर्शन जारी रखा। इस दौरान छात्र नेताओं ने कुलपति अशोक चक्रवाल के रवैये पर सवाल उठाए और कहा कि अगर विश्वविद्यालय प्रबंधन छात्रों की बात सुनने को तैयार नहीं है तो वे पूरे मामले को न्यायालय के सामने रखेंगे। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि जमीन आवंटन से लेकर विश्वविद्यालय प्रबंधन की कार्यप्रणाली तक जिन मुद्दों पर सवाल उठ रहे हैं, उन्हें हाईकोर्ट के सामने उठाया जाएगा। उनका कहना है कि ताला तोड़कर अंदर जाने की स्थिति क्यों बनी और इसके पीछे क्या परिस्थितियां थीं, यह भी न्यायालय के सामने स्पष्ट किया जाएगा।विरोध प्रदर्शन के दौरान NSUI नेताओं ने कुलपति को लेकर सख्त चेतावनी भी दी…
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि यदि कुलपति का रवैया इसी तरह जारी रहा तो आने वाले समय में उनके चेंबर के बाहर भी प्रदर्शन किया जाएगा और ताला तोड़ने जैसी स्थिति पैदा हो सकती है। हालांकि, इन बयानों के बीच सबसे बड़ा सवाल विश्वविद्यालय की सुरक्षा और जमीन आवंटन की प्रक्रिया को लेकर उठ रहा है।
एक तरफ छात्र संगठन पूरे मामले में पारदर्शिता की मांग कर रहा है, तो दूसरी तरफ प्रशासनिक भवन का ताला टूटने के बाद विश्वविद्यालय प्रबंधन के सामने प्रदर्शनकारियों के आरोपों का जवाब देने के साथ परिसर की व्यवस्था बनाए रखने की चुनौती भी खड़ी हो गई है। अब देखना होगा कि 5 एकड़ जमीन के इस विवाद पर विश्वविद्यालय प्रबंधन क्या स्पष्टीकरण देता है और NSUI अपने अगले कदम के तौर पर हाईकोर्ट का रुख करता है या नहीं।……..





