बिलासपुर हाईकोर्ट से जीएसटी मामले में राहत, बकाया वसूली पर लगी रोक की शर्त

बिलासपुर में जीएसटी बकाया वसूली से जुड़े एक मामले में हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता को बड़ी राहत दी है। मां काली इंडस्ट्रीज की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने कुछ अहम निर्देश जारी किए।
यह मामला राज्य कर विभाग द्वारा जारी आदेशों और वसूली कार्रवाई को चुनौती देने से जुड़ा था। याचिकाकर्ता ने 2022, 2024 के आदेशों और 2026 की अटैचमेंट नोटिस को कोर्ट में चुनौती दी थी।
कोर्ट ने क्या कहा?
जस्टिस राकेश मोहन पांडे की एकलपीठ ने कहा कि केंद्र सरकार पहले ही इस तरह के मामलों में स्पष्ट दिशा-निर्देश दे चुकी है, इसलिए अलग से न्यायिक हस्तक्षेप की जरूरत नहीं है।
केंद्र सरकार के नियमों का सहारा
सुनवाई के दौरान वित्त मंत्रालय के सर्कुलर का हवाला दिया गया, जिसमें कहा गया है कि जब तक GST अपीलेट ट्रिब्यूनल नहीं बनता, तब तक अपील करने वालों को राहत दी जा सकती है।
राहत कैसे मिलेगी?
- याचिकाकर्ता 15 दिनों के भीतर तय प्री-डिपॉजिट जमा करे
- एक अंडरटेकिंग दे कि ट्रिब्यूनल बनने पर अपील करेगा
अगर ये शर्तें पूरी कर दी जाती हैं, तो
बाकी जीएसटी बकाया की वसूली पर रोक लग जाएगी।
इस फैसले से ऐसे कई करदाताओं को राहत मिल सकती है, जिनकी अपील ट्रिब्यूनल न होने के कारण लंबित है।





