चार महीने से वेतन नहीं मिलने पर रोजगार सहायकों में आक्रोश, आंदोलन की चेतावनी

मध्यप्रदेश के आगर-मालवा जिले में पंचायतों के कार्यों में अहम भूमिका निभाने वाले रोजगार सहायकों को पिछले चार महीनों से वेतन नहीं मिलने के कारण गंभीर आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है। शासन की योजनाओं के क्रियान्वयन में जुटे ये कर्मचारी अब अपने परिवार का भरण-पोषण करने में भी कठिनाई महसूस कर रहे हैं।
जिले में करीब 220 रोजगार सहायक कार्यरत हैं, जिन्हें नरेगा और ट्रेजरी के माध्यम से वेतन मिलता है। ट्रेजरी से मिलने वाला वेतन आंशिक रूप से मिला है, लेकिन मार्च माह का भुगतान अब तक नहीं हुआ है। वहीं नरेगा के तहत मिलने वाली राशि पिछले चार महीनों से लंबित है, जिससे कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति और अधिक खराब हो गई है।
रोजगार सहायकों का कहना है कि नियमित आय बंद होने के कारण बच्चों की पढ़ाई, घर का राशन और अन्य जरूरी खर्च पूरे करना मुश्किल हो गया है। हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि बाजार में उधारी भी बंद हो रही है और वाहन फाइनेंस जैसी सुविधाएं भी नहीं मिल पा रही हैं।
कर्मचारियों ने बताया कि त्योहारों के समय भी उन्हें भुगतान नहीं किया गया, जिससे उनकी परेशानी और बढ़ गई। लंबित वेतन के कारण वे मानसिक और आर्थिक दबाव में हैं।
जिला अध्यक्ष योगेश व्यास ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही भुगतान नहीं किया गया, तो रोजगार सहायक मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपेंगे और आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे।
वहीं प्रशासन की ओर से मामले की जानकारी लेने और भुगतान में देरी के कारणों की जांच करने की बात कही गई है।





