अमेरिका-ईरान सीजफायर बेअसर, लेबनान में हमले जारी, होर्मुज स्ट्रेट अब भी बंद

अमेरिका और ईरान के बीच घोषित संघर्षविराम को 24 घंटे से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन जमीनी हालात में शांति के संकेत नहीं दिख रहे हैं। मिडिल ईस्ट में तनाव बरकरार है और खासकर लेबनान में हमले लगातार जारी हैं। इजराइल की ओर से किए जा रहे हमलों में अब तक 200 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है।
संघर्षविराम के बाद उम्मीद जताई जा रही थी कि क्षेत्र में हिंसा थमेगी, तेल-गैस आपूर्ति सामान्य होगी और होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों की आवाजाही आसान हो जाएगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। अब तक बहुत कम जहाज ही इस मार्ग से गुजर पाए हैं और कई टैंकर अब भी खाड़ी क्षेत्र में फंसे हुए हैं।
लेबनान को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच मतभेद सामने आए हैं। ईरान का दावा है कि उसके प्रस्तावित शांति योजना में लेबनान भी शामिल था, जबकि अमेरिका ने साफ किया है कि लेबनान संघर्षविराम समझौते का हिस्सा नहीं है। इस पर ईरान ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा है कि अगर लेबनान पर हमले जारी रहे तो वह एकतरफा रूप से युद्धविराम खत्म कर सकता है।
ईरानी नेतृत्व का कहना है कि इजराइल द्वारा लेबनान पर हमले संघर्षविराम की शर्तों का उल्लंघन हैं। वहीं, सीरिया ने भी इन हमलों को अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ बताते हुए तत्काल युद्धविराम की मांग की है।
होर्मुज स्ट्रेट को लेकर भी स्थिति सामान्य नहीं हो सकी है। ईरान ने संकेत दिए हैं कि अगर समझौते का उल्लंघन जारी रहा तो यह मार्ग बंद ही रहेगा। इससे वैश्विक तेल आपूर्ति पर असर पड़ने की आशंका बनी हुई है।
इधर, इजराइल भी इस समझौते से पूरी तरह संतुष्ट नहीं बताया जा रहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार, उसे इस समझौते की जानकारी अंतिम समय में दी गई थी। ऐसे में क्षेत्रीय स्तर पर असंतोष और अविश्वास की स्थिति बनी हुई है।
मौजूदा हालात को देखते हुए यह साफ है कि संघर्षविराम के बावजूद क्षेत्र में तनाव कम नहीं हुआ है और आने वाले समय में स्थिति और बिगड़ने की आशंका बनी हुई है।





