कलेक्टर बने शिक्षक, आंगनबाड़ी में बच्चों के साथ पढ़ाई कर परखा स्तर

धमतरी जिले में कलेक्टर ने आंगनबाड़ी केंद्र के निरीक्षण के दौरान बच्चों के बीच शिक्षक की भूमिका निभाते हुए प्रारंभिक शिक्षा की स्थिति का आकलन किया। उन्होंने बच्चों से फलों, रंगों और जानवरों के नाम पूछकर उनकी समझ और सीखने की क्षमता को परखा।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने आंगनबाड़ी केंद्र में शिक्षा, पोषण आहार, नाश्ता व्यवस्था और खेल आधारित गतिविधियों का जायजा लिया। बच्चों की उपस्थिति, साफ-सफाई और रिकॉर्ड संधारण को संतोषजनक पाया गया।
कलेक्टर के पहुंचने पर बच्चों ने सांस्कृतिक प्रस्तुति देकर स्वागत किया, जिससे वे काफी प्रभावित हुए और बच्चों का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने बच्चों के साथ संवाद कर उन्हें आत्मविश्वास के साथ जवाब देने के लिए प्रेरित किया।
इस दौरान बच्चों के स्वास्थ्य रिकॉर्ड, वजन मापन और पोषण स्तर की भी जानकारी ली गई। कुपोषण मुक्त अभियान को प्रभावी बनाने और हर बच्चे की नियमित निगरानी के निर्देश दिए गए।
गर्मी को देखते हुए स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित करने, बच्चों को व्यक्तिगत पानी की बोतल रखने और स्वच्छता की आदत विकसित करने पर भी जोर दिया गया। निरीक्षण के दौरान बच्चों को खिलौने और मिठाइयां भी वितरित की गईं।
अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य और प्रारंभिक शिक्षा को मजबूत किया जाए, ताकि आने वाले समय में स्वस्थ और शिक्षित समाज का निर्माण हो सके।





