इलाज में लापरवाही पर अस्पताल पहुंचीं मंत्री: गर्भस्थ शिशु की मौत के बाद भी नहीं हुआ इलाज, डॉक्टरों को लगाई फटकार

छत्तीसगढ़ के Surajpur जिला अस्पताल में इलाज में लापरवाही का गंभीर मामला सामने आया है। गर्भवती महिला के गर्भस्थ शिशु की मौत के बाद भी समय पर इलाज शुरू नहीं किया गया, जिससे नाराज होकर महिला एवं बाल विकास मंत्री Laxmi Rajwade अस्पताल पहुंचीं और जिम्मेदार अधिकारियों को फटकार लगाई।
जानकारी के अनुसार महिला को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जांच के बाद पता चला कि गर्भस्थ शिशु की मौत हो चुकी है और ऑपरेशन कर उसे निकालना जरूरी है, लेकिन अस्पताल में ब्लड की कमी का हवाला देकर इलाज शुरू नहीं किया गया।
मामले की शिकायत मिलने पर मंत्री सीधे अस्पताल पहुंचीं। उन्होंने सिविल सर्जन और डॉक्टरों को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि लापरवाही और दुर्व्यवहार किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मंत्री ने यह तक कहा कि जरूरत पड़े तो उनका ब्लड ले लिया जाए, लेकिन मरीज का इलाज तुरंत शुरू होना चाहिए।
परिजनों का आरोप है कि मदद मांगने पर अस्पताल स्टाफ ने उनके साथ दुर्व्यवहार किया। जब इस संबंध में जनप्रतिनिधियों से संपर्क किया गया, तब भी डॉक्टरों ने गंभीरता नहीं दिखाई।
मंत्री ने अस्पताल की अव्यवस्था, गंदगी और बदबू पर भी नाराजगी जताते हुए व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पहले भी इस अस्पताल से लापरवाही की शिकायतें सामने आ चुकी हैं, लेकिन जिम्मेदारों पर ठोस कार्रवाई नहीं होने से हालात नहीं सुधरे हैं।
बताया जा रहा है कि पूर्व में भी इलाज में देरी और रेफर करने के मामलों में प्रसूता और नवजात की मौत हो चुकी है, जिसमें केवल निचले स्तर के कर्मचारियों पर कार्रवाई हुई, जबकि जिम्मेदार अधिकारियों पर कोई सख्त कदम नहीं उठाया गया।





