दिल्ली विधानसभा बजट सत्र समाप्त, बजट पारित और अहम विधेयकों को मिली मंजूरी

दिल्ली विधानसभा का बजट सत्र संपन्न हो गया, जिसमें वर्ष 2026-27 का बजट पारित करने के साथ कई महत्वपूर्ण विधेयकों को मंजूरी दी गई। विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने सत्र के दौरान हुई कार्यवाही की जानकारी देते हुए बताया कि इस बार लंबित कैग रिपोर्टों को भी सदन के पटल पर प्रस्तुत कर दिया गया है।
सत्र 23 मार्च से 27 मार्च तक चला, जिसमें कुल चार बैठकें हुईं और करीब 15 घंटे से अधिक समय तक कार्यवाही चली। इस दौरान कैग की सातों लंबित रिपोर्टों को पेश कर लोक लेखा समिति को सौंपा गया, जिससे अब इन पर कार्रवाई की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
विधानसभा अध्यक्ष ने बताया कि सत्र में आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 पेश किया गया और 2026-27 का वार्षिक बजट चर्चा के बाद पारित किया गया। इसके अलावा दिल्ली विनियोग (संख्या 2) विधेयक 2026, सोसायटी पंजीकरण (दिल्ली संशोधन) विधेयक 2026 और दिल्ली विनियोग (संख्या 3) विधेयक 2026 को भी मंजूरी दी गई।
तकनीकी क्षेत्र में पहल करते हुए ‘विधान साथी’ एआई चैटबॉट का भी लॉन्च किया गया, जो हिंदी और अंग्रेजी में विधायी कार्यों से संबंधित जानकारी और शोध में मदद करेगा। इसे विधानसभा के आधुनिकीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
सत्र के दौरान नियम 280 के तहत 63 नोटिस प्राप्त हुए, जिनमें से 44 विशेष उल्लेख सदन में उठाए गए। इन मामलों को संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देशों के साथ भेजा गया है।
विपक्ष के रवैये पर टिप्पणी करते हुए अध्यक्ष ने कहा कि सत्र के दौरान विपक्ष ने नकारात्मक दृष्टिकोण अपनाया और बिना ठोस मुद्दों के कार्यवाही से दूरी बनाए रखी। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया के लिए चिंताजनक बताया और कहा कि सदन में भाग लेकर चर्चा करना ही जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी है।
निलंबन के मुद्दे पर भी स्पष्टीकरण देते हुए उन्होंने कहा कि सत्र समाप्त होने के साथ ही निलंबन स्वतः समाप्त हो जाता है और सदन की कार्यवाही पूरी तरह नियमों के अनुसार संचालित होती है।





