ईरान-इजराइल जंग से उत्पन्न गैस-तेल संकट पर पीएम मोदी का भरोसा, सप्लाई निरंतर बनाए रखने का भरोसा

ईरान और इजराइल-अमेरिका संघर्ष से पैदा हुए गैस और तेल संकट को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा में कहा कि सरकार इस मुद्दे पर संवेदनशील, सतर्क और हर सहायता के लिए तत्पर है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि होर्मुज स्ट्रेट की चुनौतियों के बावजूद पेट्रोल, डीजल और गैस की सप्लाई पर कोई असर नहीं पड़ेगा।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार, इथेनॉल मिश्रण और ऊर्जा स्रोतों के विविधीकरण पर जोर दे रहा है। देश अपनी LPG जरूरत का 60% आयात पर निर्भर करता है, इसलिए घरेलू उत्पादन बढ़ाया जा रहा है और घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता दी जा रही है।

उन्होंने बताया कि भारत के पास वर्तमान में 53 लाख मीट्रिक टन से अधिक का स्ट्रेटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व है, और 65 लाख मीट्रिक टन तक के रिजर्व की व्यवस्था पर काम चल रहा है। बीते 11 साल में रिफाइनरी क्षमता में भी उल्लेखनीय इजाफा हुआ है।

प्रधानमंत्री ने बताया कि इथेनॉल मिश्रण में अभूतपूर्व वृद्धि के कारण पेट्रोल में 20% इथेनॉल बैंडिंग हो रही है, जिससे प्रति वर्ष लगभग 4.5 करोड़ बैरल तेल की बचत हो रही है। भारत अब 27 देशों के बजाय 41 देशों से ऊर्जा आयात कर रहा है।

कृषि क्षेत्र के प्रति भरोसा जताते हुए पीएम मोदी ने कहा कि देश के अन्न भंडार पर्याप्त हैं और खरीफ सीजन की बुआई सुनिश्चित करने के लिए सरकार तैयारी कर रही है। गर्मी के मौसम और युद्ध के प्रभाव से बढ़ी बिजली की मांग को देखते हुए सभी पावर प्लांट्स में पर्याप्त कोयला स्टॉक उपलब्ध है। भारत ने लगातार दूसरे वर्ष 1 अरब टन से अधिक कोयले का उत्पादन कर रिकॉर्ड बनाया है। रिन्यूएबल एनर्जी के क्षेत्र में भी बड़ा काम किया गया है।

पश्चिम एशिया संघर्ष पर प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत ने शुरुआत से ही कूटनीति के जरिए तनाव कम करने का प्रयास किया है। भारतीय जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने और मानवता के हित में शांतिपूर्ण समाधान लाने के लिए लगातार प्रयास जारी हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे संकट में कुछ तत्व इसका फायदा उठाने की कोशिश करते हैं, इसलिए सभी सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर हैं।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा:

  • वाणिज्यिक जहाजों पर हमले और अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों की नाकेबंदी अस्वीकार्य हैं।
  • बातचीत और कूटनीति ही इस समस्या का समाधान हैं।
  • किसी के जीवन को खतरे में डालना मानवता के हित में नहीं है।
  • तटीय सुरक्षा, सीमा सुरक्षा, साइबर सुरक्षा और रणनीतिक प्रतिष्ठान मजबूत किए जा रहे हैं।

प्रधानमंत्री का यह संदेश देशवासियों के लिए भरोसा और स्थिरता बनाए रखने का संकेत है, ताकि ऊर्जा आपूर्ति और आर्थिक गतिविधियों पर असर ना पड़े।

Show More
Follow Us on Our Social Media
Back to top button
जम्मू-कश्मीर में बारिश से अपडेट सोनम ने ही राजा को दिया था खाई में धक्का… आरोपियों ने बताई सच्चाई
जम्मू-कश्मीर में बारिश से अपडेट सोनम ने ही राजा को दिया था खाई में धक्का… आरोपियों ने बताई सच्चाई