11 साल के बच्चे को रेयर थायमिक कैंसर से मिली नई जिंदगी, जटिल सर्जरी और थेरेपी से हुआ सफल इलाज

एक 11 साल के बच्चे को बेहद दुर्लभ और खतरनाक इनवेसिव थायमिक कैंसर से सफलतापूर्वक बचा लिया गया है। डॉक्टरों के मुताबिक यह कैंसर इतना गंभीर था कि बिना इलाज के कुछ महीनों में जान जा सकती थी, लेकिन समय पर की गई जटिल सर्जरी और रेडिएशन थेरेपी से बच्चा अब पूरी तरह स्वस्थ होकर दोबारा सामान्य जीवन जी रहा है।
डॉक्टरों ने बताया कि बच्चे को स्टेज-3 का इनवेसिव थायमिक कैंसर था, जो बच्चों में बेहद दुर्लभ माना जाता है। मेडिकल आंकड़ों के अनुसार यह बीमारी 10 करोड़ बच्चों में केवल एक से पांच मामलों में ही पाई जाती है। दुनिया भर में इसके बहुत ही सीमित केस दर्ज हैं, खासकर इस स्टेज पर इलाज के सफल उदाहरण लगभग नहीं मिलते।
थायमिक कैंसर थाइमस ग्लैंड में होता है, जो दिल और छाती की हड्डी के बीच स्थित होती है और शरीर की इम्यूनिटी के लिए जरूरी टी-सेल्स बनाती है। जब इस ग्लैंड की कोशिकाएं अनियंत्रित रूप से बढ़ने लगती हैं, तो यह कैंसर का रूप ले लेती हैं। इसका कारण अब तक स्पष्ट नहीं हो पाया है और इसका किसी वायरस, धूम्रपान या प्रदूषण से सीधा संबंध भी नहीं मिला है।
बच्चे के मामले में ट्यूमर काफी बड़ा हो चुका था और दिल, फेफड़े, महाधमनी समेत कई महत्वपूर्ण अंगों को प्रभावित कर चुका था। यह ट्यूमर दिल के पास चिपका हुआ था और शरीर के अंदर कई जगह फैल चुका था, जिससे ऑपरेशन बेहद जोखिम भरा हो गया था।
सर्जरी के लिए डॉक्टरों ने विशेष ड्यूल एप्रोच तकनीक का इस्तेमाल किया, जिसमें सीने को सामने और साइड दोनों तरफ से खोलकर ट्यूमर तक पहुंच बनाई गई। इस प्रक्रिया से डॉक्टरों को ट्यूमर को पूरी तरह निकालने में मदद मिली। ऑपरेशन के दौरान प्रभावित अंगों के हिस्सों की मरम्मत भी की गई और शरीर से सभी ट्यूमर हटाए गए।
करीब चार घंटे चली इस सर्जरी के बाद बच्चे को कुछ दिनों में चलने-फिरने लायक बना दिया गया और बाद में उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। इसके बाद 25 साइकिल रेडिएशन थेरेपी दी गई, जिससे कैंसर का पूरी तरह उपचार हो सका।
इलाज के लगभग छह महीने बाद अब बच्चा पूरी तरह स्वस्थ है और फिर से स्कूल जाना शुरू कर चुका है। इस जटिल और दुर्लभ केस को चिकित्सा क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है और इसे राष्ट्रीय स्तर पर प्रस्तुत कर सम्मान भी प्राप्त हुआ है।





