रामकृष्ण अस्पताल हादसे पर सख्ती: दोषियों पर होगी कार्रवाई, पीड़ित परिवारों को मिलेगा न्याय

रायपुर। राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग के उपाध्यक्ष हरदीप सिंह गिल ने रायपुर में बैठक लेकर रामकृष्ण केयर हॉस्पिटल हादसे पर सख्त रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि इस घटना में मृतकों के परिजनों को हर संभव सहायता और न्याय दिलाया जाएगा, साथ ही दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।
बैठक के दौरान मृतकों को श्रद्धांजलि देने के लिए 2 मिनट का मौन भी रखा गया। गिल ने साफ कहा कि सफाई कर्मचारियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और मैनुअल स्कैवेजिंग पूरी तरह प्रतिबंधित है। यदि किसी भी संस्था में इस तरह का कार्य कराया जाता है, तो जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने निर्देश दिया कि सीवरेज सफाई जैसे कार्य केवल सुरक्षा मानकों के साथ और नगर निगम की जानकारी में ही कराए जाएं। साथ ही सभी सफाईकर्मियों के लिए पीपीई किट, नियमित स्वास्थ्य जांच और मेडिकल फिटनेस सर्टिफिकेट अनिवार्य करने की बात कही।
हरदीप सिंह गिल ने यह भी कहा कि सफाईकर्मियों को न्यूनतम वेतन से कम भुगतान नहीं किया जाना चाहिए और उनके लिए जागरूकता कैंप लगाए जाएं। सभी कर्मियों का पहचान पत्र बनाकर उसमें ब्लड ग्रुप भी अंकित किया जाए।
पीड़ित परिवारों से मुलाकात के दौरान उन्होंने निर्देश दिया कि जिनके पास मकान नहीं है, उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत घर उपलब्ध कराया जाए। साथ ही पुलिस को एफआईआर में एट्रोसिटी एक्ट के प्रावधान जोड़ने के निर्देश दिए गए।
नगर निगम को भी निर्देशित किया गया कि शहर के सभी अस्पतालों और संस्थानों में सीवेज कार्य के लिए एनओसी अनिवार्य किया जाए और सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित किया जाए।
गौरतलब है कि रायपुर के रामकृष्ण हॉस्पिटल में सेप्टिक टैंक की सफाई के दौरान जहरीली गैस से तीन मजदूरों की मौत हो गई थी। यह घटना एक बार फिर सफाईकर्मियों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है।





