दुर्ग में अफीम तस्करी नेटवर्क का खुलासा, राजस्थान के दो आरोपी गिरफ्तार

दुर्ग जिले में अवैध अफीम की खेती और उससे जुड़े तस्करी नेटवर्क का मामला सामने आया है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए राजस्थान के दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। छापेमारी के दौरान होटल और ढाबे से 304 ग्राम अफीम डोडा (चुक्की) और 1 लाख 29 हजार रुपए नकद बरामद किए गए हैं।
पुलिस के अनुसार दोनों आरोपी मूल रूप से राजस्थान के रहने वाले हैं और बेमेतरा जिले में रहकर इस नेटवर्क से जुड़े थे। इस मामले में इससे पहले चार आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जिनमें विकास बिश्नोई, विनायक ताम्रकार, मनीष उर्फ गोलू ठाकुर और छोटू राम शामिल हैं। सभी आरोपियों से रिमांड पर लेकर पूछताछ की गई थी।
पूछताछ के दौरान विकास बिश्नोई ने बताया कि अवैध तरीके से उगाई गई अफीम से तैयार डोडा कुछ लोग खरीद लेते थे। बाद में इसे होटल और ढाबों में छिपाकर रखा जाता था और मौका मिलने पर इसकी बिक्री की जाती थी। साथ ही आगे तैयार होने वाली अफीम की खरीद की योजना भी यहीं से बनाई जाती थी।
आरोपी के बयान और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने 15 मार्च को बेमेतरा–सिमगा रोड स्थित ग्राम कठिया में छापेमारी की। यहां श्री रामदेव होटल और राजस्थानी हाईवे ढाबा में दबिश दी गई। छापेमारी के दौरान आरोपी रणछोड़ राम उर्फ रणजीत के होटल के कमरे से 304 ग्राम अफीम डोडा, 1 लाख 29 हजार रुपए नकद और एक मोबाइल फोन बरामद किया गया।
वहीं दूसरे आरोपी सुनील देवासी के पास से अफीम डोडा को चुक्की बनाने में इस्तेमाल होने वाली मिक्सी (जार सहित) और एक मोबाइल फोन मिला। इसके बाद दोनों आरोपियों को मौके से गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस के अनुसार रणछोड़ राम उर्फ रणजीत की उम्र करीब 50 वर्ष है और वह राजस्थान के बालोतरा जिले के कल्याणपुर थाना क्षेत्र के ग्राम कुड़ी का निवासी है। फिलहाल वह बेमेतरा जिले के ग्राम कठिया में रह रहा था। दूसरा आरोपी सुनील देवासी लगभग 28 वर्ष का है और वह भी उसी गांव का रहने वाला है तथा वर्तमान में कठिया में रह रहा था।
पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान की जा रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि अवैध अफीम की सप्लाई किन-किन क्षेत्रों तक की जा रही थी।





