SI भर्ती परीक्षा: दो आधार कार्ड के साथ अभ्यर्थी गिरफ्तार

दिल्ली। उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड द्वारा आयोजित उपनिरीक्षक (SI) भर्ती परीक्षा के दौरान मेरठ में जालसाजी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है।
मेरठ कॉलेज परीक्षा केंद्र पर चेकिंग के दौरान पुलिस ने मुरादाबाद निवासी एक अभ्यर्थी, मोनू सिंह, को दो अलग-अलग आधार कार्ड के साथ रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।
रविवार को परीक्षा की दूसरी पाली के दौरान जब सीओ संतोष कुमार सिंह अभ्यर्थियों के प्रवेश पत्रों की जांच कर रहे थे, तब मोनू सिंह के आधार कार्ड पर संदेह हुआ। ई-केवाईसी (e-KYC) प्रक्रिया के दौरान पाया गया कि अभ्यर्थी के रिकॉर्ड में जन्मतिथि में 10 साल का बड़ा अंतर है।
पहला आधार कार्ड: इसमें जन्मतिथि 2004 दर्ज थी, जिसके आधार पर उसने परीक्षा फॉर्म भरा था।
दूसरा आधार कार्ड: तलाशी के दौरान उसकी जेब से एक और आधार कार्ड मिला, जिसमें उसकी वास्तविक जन्मतिथि 1994 अंकित थी।
जालसाजी के पीछे की कहानी
पूछताछ के दौरान मोनू ने स्वीकार किया कि उसकी वास्तविक उम्र अधिक हो चुकी थी। अग्निवीर भर्ती में शामिल होने के लिए उसने एक स्कूल से कक्षा 8 का फर्जी प्रमाण पत्र बनवाया, जिसमें उम्र कम दिखाई गई थी। उसी के आधार पर उसने दोबारा हाईस्कूल किया और नया आधार कार्ड बनवाया। इसी फर्जी पहचान का उपयोग उसने दारोगा भर्ती परीक्षा में बैठने के लिए किया था।
परीक्षा में 19 हजार से ज्यादा परीक्षार्थी हुए शामिल
मेरठ के 43 केंद्रों पर आयोजित इस परीक्षा में कड़े सुरक्षा इंतजाम रहे। आंकड़ों के मुताबिक, दोनों पालियों में लगभग 19 हजार से अधिक अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ लालकुर्ती थाने में धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कर ली है। हालांकि, अभी तक किसी सॉल्वर गैंग से उसके तार जुड़ने की पुष्टि नहीं हुई है।





