सिंगल यूज प्लास्टिक पर निगम की सख्ती, रोजाना अभियान चलाकर पैकेजिंग से सजावटी सामान तक जब्त होंगे

प्रतिबंध के बावजूद सिंगल यूज प्लास्टिक के उपयोग से नालियां जाम होने और शहर की सफाई व्यवस्था प्रभावित होने के बाद नगर निगम ने मार्च महीने से रोजाना अभियान चलाने की तैयारी की है। इसके लिए 25 सदस्यीय टीम गठित की गई है, जो जब्ती, जुर्माना और कानूनी कार्रवाई करेगी।
शहर में प्लास्टिक कैरी बैग, गिलास, थर्माकोल, 200 एमएल से कम पानी की बोतलें और खाद्य सामग्री की पतली प्लास्टिक पैकेजिंग का उपयोग खुलेआम हो रहा है। इसके अलावा क्लोरीन युक्त प्लास्टिक से बने प्लैक्स, बैनर, होर्डिंग, कप, प्लेट और स्ट्रॉ भी लगातार इस्तेमाल किए जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि इस संबंध में लगभग एक साल से प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई थी।
प्रतिबंध के बावजूद प्लास्टिक के उपयोग से नालियां जाम हो रही हैं और सफाई व्यवस्था प्रभावित हो रही है। इसे देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने 25 सदस्यीय टीम बनाई है, जो छोटे, मंझले और बड़े दुकानदारों के साथ-साथ मैन्युफैक्चरर्स पर भी कार्रवाई करेगी। अब घरों में इस्तेमाल होने वाले सिंगल यूज प्लास्टिक और थर्माकोल से बने सजावटी सामान भी जब्त किए जाएंगे। कार्रवाई से पहले निगम की ओर से सफाई गाड़ियों के जरिए जिंगल चलाकर लोगों को जागरूक किया जा रहा है।
निगम जब्त किए गए प्लास्टिक को स्टोर में रखने के बजाय उद्योगों को देने की तैयारी कर रहा है, जिससे सफाई कर्मियों के कल्याण के लिए फंड जुटाया जा सके। उद्योग इन प्लास्टिक को ग्रैन्यूल्स में बदलकर सड़क निर्माण सामग्री या डस्टबिन और बाल्टी जैसी कठोर सामग्री तैयार करेंगे।
हाल ही में जोन-4 में प्रतिबंधित प्लास्टिक से भरे एक वाहन को जब्त किया गया था। जब्त प्लास्टिक को एक कंपनी को दिया गया, जिससे प्राप्त राशि का उपयोग सफाई कर्मियों को प्रोत्साहन के रूप में उपहार देने के लिए किया गया।
स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. तृप्ति पाणीग्रही के अनुसार सिंगल यूज प्लास्टिक के खिलाफ छोटे-बड़े सभी स्तरों पर कार्रवाई की जाएगी। लोगों को प्लास्टिक के उपयोग से बचने के लिए सफाई गाड़ियों के माध्यम से जिंगल चलाकर जागरूक किया जा रहा है और मार्च से टीम रोजाना सड़क पर उतरकर जब्ती और जुर्माने की कार्रवाई करेगी।
महापौर मीनल चौबे ने कहा कि शहर को साफ और स्वस्थ बनाए रखना प्राथमिकता है और इसके लिए सभी की भागीदारी जरूरी है। प्रतिबंधित प्लास्टिक के बिक्री, वितरण और निर्माण करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।





