यूपीएससी 2025 में छत्तीसगढ़ के 7 युवाओं का चयन, रायपुर की वैभवी अग्रवाल ने हासिल की 35वीं रैंक

संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने सिविल सेवा परीक्षा 2025 का अंतिम परिणाम जारी कर दिया है। इस परीक्षा में छत्तीसगढ़ के 7 युवाओं ने सफलता हासिल की है। इनमें रायपुर की वैभवी अग्रवाल, रौनक अग्रवाल और संजय डहरिया समेत कई उम्मीदवार शामिल हैं।
गुढ़ियारी की रहने वाली वैभवी अग्रवाल ने ऑल इंडिया 35वीं रैंक हासिल की है। यह उनका तीसरा प्रयास था। वैभवी इंजीनियरिंग बैकग्राउंड से हैं और उन्होंने बताया कि पहले दो प्रयासों में असफलता मिली थी, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और लगातार तैयारी जारी रखी। उनका कहना है कि बचपन से ही उनका सपना समाज सेवा करने का रहा है।
मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के जनकपुर की दर्शना सिंह बघेल ने अपने दूसरे प्रयास में 383वीं रैंक हासिल की है। इस रैंक के साथ उनका चयन भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के लिए हुआ है। दर्शना ने वर्ष 2017-18 में डीएवी स्कूल भगवानपुर से 97 प्रतिशत अंकों के साथ 12वीं की परीक्षा पास की थी। इसके बाद उनका चयन आईआईटी कानपुर में हुआ, जहां से उन्होंने इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की और फिर यूपीएससी की तैयारी शुरू की।
दर्शना सिंह के पिता अरुण सिंह बघेल किसान हैं और सोसाइटियों का संचालन भी करते हैं, जबकि उनकी मां सीमा सिंह जनकपुर नगर पंचायत की पार्षद हैं। पिछले वर्ष भी दर्शना ने प्री और मेंस परीक्षा पास कर ली थी, लेकिन इंटरव्यू में चयन नहीं हो पाया था। इस बार दूसरे प्रयास में उन्हें सफलता मिली।
धमतरी जिले के ग्राम परसवानी के रहने वाले डायमंड सिंह ने 623वीं रैंक हासिल की है। वे छत्तीसगढ़ राज्य पुलिस सेवा के 2024 बैच के अधिकारी हैं और वर्तमान में डीएसपी के पद पर कार्यरत हैं। पुलिस सेवा में रहते हुए भी उन्होंने यूपीएससी की तैयारी जारी रखी और अब सिविल सेवा परीक्षा में सफलता प्राप्त की है।
बलरामपुर जिले के बिपुल गुप्ता ने ऑल इंडिया 103वीं रैंक हासिल की है। उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा डीपीएस उक्कुनगरम, विशाखापट्टनम से पूरी की और वर्ष 2022 में आईआईटी मद्रास से स्नातक की पढ़ाई की। यह उनका तीसरा प्रयास था। इससे पहले वे यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में 368वीं रैंक और भारतीय वन सेवा (IFS) परीक्षा में 12वीं रैंक भी हासिल कर चुके हैं।
रायगढ़ जिले के संबलपुरी गांव के रहने वाले अजय गुप्ता ने 452वीं रैंक के साथ परीक्षा में सफलता प्राप्त की है। उनके पिता धनुर्जय गुप्ता छोटे किसान हैं। अजय की प्रारंभिक शिक्षा गांव के सरकारी स्कूल में हुई और उन्होंने एनआईटी रायपुर से ग्रेजुएशन किया। इसके बाद वे बस्तर जिले में एक एनजीओ के साथ आदिवासी विकास के क्षेत्र में काम करते रहे, जहां से उन्हें सिविल सेवा में जाने की प्रेरणा मिली।
सिविल सेवा परीक्षा 2025 का अंतिम परिणाम आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर जारी किया गया है, जहां उम्मीदवार अपनी मेरिट सूची देख सकते हैं।





