ईरान संकट के बीच पाकिस्तान में पेट्रोल-डीजल का संकट गहराया, सप्लाई ठप होने से बंद हो सकते हैं पेट्रोल पंप

खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते तनाव और मध्य पूर्व में जारी संघर्ष के बीच पाकिस्तान में पेट्रोल और डीजल की कमी का संकट गहराता जा रहा है। देश में तेल का स्टॉक तेजी से घटने की खबरें सामने आ रही हैं और पेट्रोल पंप संचालकों का कहना है कि पिछले तीन दिनों से उन्हें ईंधन की सप्लाई नहीं मिल रही है।
पाकिस्तान पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन का कहना है कि सरकार दावा कर रही है कि देश के पास 20 से 25 दिनों का ईंधन स्टॉक मौजूद है, लेकिन जमीनी स्तर पर पेट्रोल पंपों को सप्लाई नहीं मिल रही है। एसोसिएशन के नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द सप्लाई बहाल नहीं हुई तो आने वाले दिनों में कई पेट्रोल पंप बंद होने की स्थिति बन सकती है।
एसोसिएशन के अनुसार ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने पेट्रोलियम उत्पादों की सप्लाई कम कर दी है। उनकी मांगों में करीब 50 प्रतिशत तक कटौती कर दी गई है और वह भी दो से तीन दिन की देरी से मिल रही है। इस स्थिति के चलते देश के कई हिस्सों में पेट्रोल और डीजल की उपलब्धता तेजी से घट रही है।
ईंधन की कमी का असर कीमतों पर भी दिखाई देने लगा है। पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों का कहना है कि डीजल की सप्लाई घटकर लगभग 20 प्रतिशत रह गई है, जबकि पेट्रोल की उपलब्धता भी काफी कम हो गई है। इसके कारण डीजल की कीमतों में लगभग 17 पाकिस्तानी रुपये और पेट्रोल की कीमतों में करीब 35 पाकिस्तानी रुपये तक बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
कुछ डीलरों ने यह भी आरोप लगाया है कि निजी कंपनियां संभावित कमी का फायदा उठाते हुए पेट्रोलियम उत्पादों की जमाखोरी कर रही हैं। पेट्रोल पंप संचालकों ने सरकार से मांग की है कि पर्याप्त मात्रा में ईंधन उपलब्ध कराया जाए और सप्लाई व्यवस्था को जल्द सामान्य किया जाए।
पेट्रोल पंप मालिकों का कहना है कि अगर सप्लाई की स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो सोमवार से कई पेट्रोल पंप बंद होने लगेंगे। उनका आरोप है कि कंपनियां कीमतों में बढ़ोतरी के लिए जानबूझकर सप्लाई रोक रही हैं।
उधर ऑयल एंड गैस रेगुलेटरी अथॉरिटी का कहना है कि देश के पास लगभग 28 दिनों की खपत को पूरा करने के लिए पर्याप्त ईंधन का स्टॉक मौजूद है। अधिकारियों के अनुसार सरकार ने अतिरिक्त ईंधन आयात की व्यवस्था पहले ही कर ली है।
बताया जा रहा है कि मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य में बाधा के कारण कच्चे तेल की सप्लाई प्रभावित हुई है। इस मार्ग से दुनिया के बड़े हिस्से में तेल की आपूर्ति होती है और इसके प्रभावित होने से वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर असर पड़ रहा है।
पाकिस्तान हर महीने बड़ी मात्रा में तेल आयात करता है, जिसमें सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात प्रमुख आपूर्तिकर्ता देशों में शामिल हैं। मौजूदा संकट के चलते देश में ईंधन की उपलब्धता को लेकर चिंता बढ़ गई है।





