‘पीएम मोदी के दौरे के बाद मिला ऑपरेशनल मौका’, इजरायली राजदूत ने ईरान हमले पर दी सफाई

दिल्ली। नई दिल्ली में इजरायल के राजदूत रियूवेन अजार ने ईरान पर हुए यूएस-इजरायल के साझा हमलों को लेकर अहम खुलासा किया है। उन्होंने कहा कि यह हमला एक “ऑपरेशनल मौके” के तहत किया गया, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के तेल अवीव दौरे के बाद ही सामने आया। दौरे के दौरान इस तरह की किसी कार्रवाई की जानकारी या योजना साझा नहीं की गई थी।
मीडिया को दिए इंटरव्यू में अजार ने स्पष्ट किया कि पीएम मोदी की यात्रा के समय यह तय नहीं था कि तेहरान पर हमला किया जाएगा। उन्होंने कहा, “यह एक ऑपरेशनल अवसर था, जो प्रधानमंत्री मोदी के जाने के बाद उत्पन्न हुआ। उनके साथ हमारी बातचीत क्षेत्रीय विकास और रणनीतिक सहयोग पर केंद्रित थी। उस समय हमारे पास ऐसा कोई ठोस निर्णय नहीं था, जिसे साझा किया जा सके।”
राजदूत के मुताबिक, प्रधानमंत्री के लौटने के लगभग दो दिन बाद ईरान पर हमले का निर्णय लिया गया। 28 फरवरी की सुबह इजरायल की सुरक्षा कैबिनेट ने इस कार्रवाई को मंजूरी दी। इसके बाद संयुक्त रूप से अमेरिका और इजरायल ने सैन्य कार्रवाई को अंजाम दिया।
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री मोदी 25 और 26 फरवरी को दो दिवसीय दौरे पर इजरायल गए थे। 2017 के ऐतिहासिक दौरे के बाद यह उनका दूसरा आधिकारिक दौरा था, जिसने भारत-इजरायल संबंधों को नई ऊंचाई दी थी। राजदूत अजार के बयान से यह स्पष्ट करने की कोशिश की गई है कि भारत को इस सैन्य कार्रवाई की पूर्व जानकारी नहीं थी और दोनों घटनाएं समय के लिहाज से अलग थीं।





