दंतेवाड़ा में क्रशर ब्लास्ट से दहशत: 300 मीटर दूर गिरे पत्थर, घरों में दरारें, स्कूल की छत टूटी; दो गिरफ्तार

दंतेवाड़ा जिले के जावंगा गांव में संचालित क्रशर प्लांट की ब्लास्टिंग से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों का आरोप है कि विस्फोट के दौरान 200 से 300 मीटर दूर तक भारी पत्थर उड़कर गिर रहे हैं, जिससे कच्चे मकान ढह रहे हैं, पक्के घरों में दरारें पड़ रही हैं और खेतों को नुकसान पहुंच रहा है। बच्चों के डरने और बीमार पड़ने की भी शिकायतें सामने आई हैं।
ग्रामीण गौतम राम मंडावी ने बताया कि ब्लास्टिंग के समय पूरा घर हिल जाता है, मानो भूकंप आ गया हो। उनके अनुसार, करीब 2 एकड़ खेत में पत्थर फेंक दिए गए हैं और मवेशियों को भी चोट लगी है। कई बार शिकायत के बावजूद सुनवाई नहीं हुई।
19 फरवरी की शाम करीब 4 बजे हुई ब्लास्टिंग के दौरान 50 किलो से अधिक वजनी पत्थर दूर-दूर तक जा गिरे। एक बड़ा पत्थर नवीन प्राथमिक शाला कोसापारा बड़े पनेड़ा की कंक्रीट छत तोड़ते हुए कक्षा के अंदर गिरा। उस समय स्कूल में छात्र-शिक्षक मौजूद नहीं थे, जिससे बड़ा हादसा टल गया। ढाबे और करीब 200 मीटर दूर स्थित सीआरपीएफ कैंप के पास भी पत्थर गिरने की बात सामने आई है।
ग्रामीणों के मुताबिक, 20 से 25 मकानों में गहरी दरारें पड़ चुकी हैं। कई कच्चे घर ढह गए हैं। ब्लास्टिंग के दौरान धरती तक हिलने से दीवारों में कंपन होता है और दरारें बढ़ती जा रही हैं। महिलाओं ने बताया कि तेज धमाके से बच्चे सहम जाते हैं और पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
मुख्य सड़क किनारे स्थित एक ढाबे के संचालक ने बताया कि ब्लास्टिंग के दौरान पत्थर सड़क पार तक आ जाते हैं। कुछ दिन पहले एक यात्री बस पर भी पत्थर गिरने से शीशे टूट गए थे। हालांकि कोई गंभीर रूप से घायल नहीं हुआ।
घटना के बाद प्रशासन हरकत में आया। एसडीएम, तहसीलदार और माइनिंग विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया। प्लांट स्थल का सीमांकन कराया गया और दस्तावेजों की जांच शुरू की गई। प्रारंभिक जांच में लापरवाही सामने आने पर जांच पूरी होने तक प्लांट बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं।
जांच में संचालक टी. रमेश, मैनेजर इजराइल, ब्लास्टर टी. रमेश और असिस्टेंट ब्लास्टर रामबाबू के नाम सामने आए हैं। ब्लास्टर और असिस्टेंट ब्लास्टर के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धाराओं और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। संचालक और मैनेजर की तलाश जारी है।
कलेक्टर ने कहा है कि ब्लास्टिंग से गांव में कितना नुकसान हुआ है, इसका आकलन कराने के लिए टीम भेजी जाएगी। संयुक्त जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। ग्रामीणों ने प्लांट को पूरी तरह बंद करने और नुकसान का मुआवजा देने की मांग की है।





