नकली दवाओं की आपूर्ति का खुलासा, इंदौर के मेडिकल स्टोर का लाइसेंस रद्द

इंदौर के गाड़ी अड्डा क्षेत्र स्थित एक मेडिकल स्टोर से छत्तीसगढ़ में नकली दवाएं भेजे जाने का मामला सामने आया है। जांच के बाद संबंधित मेडिकल स्टोर का लाइसेंस निरस्त कर दिया गया है। मामले की जानकारी विधानसभा में दी गई।
लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री राजेंद्र शुक्ल ने बताया कि छह जनवरी 2026 को औषधि निरीक्षक रायपुर और इंदौर के खाद्य एवं औषधि प्रशासन की संयुक्त टीम ने मेसर्स मां बिजासन मेडिकल स्टोर का निरीक्षण किया था। यह कार्रवाई छत्तीसगढ़ में पकड़ी गई दवाओं की खेप के आधार पर की गई।
जानकारी के अनुसार, 10 दिसंबर को रायपुर के एक ट्रांसपोर्ट के पास संदिग्ध दवाओं की खेप पकड़ी गई थी। प्रारंभिक जांच में ट्रांसपोर्ट कंपनी ने बताया कि दवाएं इंदौर के उक्त मेडिकल स्टोर से भेजी गई थीं। इसके बाद संबंधित विभागों ने दस्तावेजों की जांच शुरू की।
जांच के दौरान क्रय-विक्रय रजिस्टर, जीएसटी रिकॉर्ड और बिलों में अनियमितताएं पाई गईं। अधिकारियों के मुताबिक, एक ही बिल के माध्यम से दो अलग-अलग फर्मों को दवा आपूर्ति किए जाने के संकेत मिले हैं। दस्तावेजों में पाई गई गड़बड़ियों के आधार पर स्टोर संचालक से स्पष्टीकरण मांगा गया है।
खाद्य एवं औषधि विभाग ने मेडिकल स्टोर को नोटिस जारी कर आवश्यक दस्तावेज तलब किए हैं और उसका लाइसेंस निरस्त कर दिया गया है। मामले की विस्तृत जांच जारी है।





