दिल्ली–मेरठ का सफर अब एक घंटे से कम, रैपिड रेल सेवा का विस्तार

दिल्ली से मेरठ का सफर, जो कभी तीन से चार घंटे लेता था, अब रैपिड रेल ट्रांजिट सिस्टम (आरआरटीएस) के जरिए एक घंटे से भी कम समय में पूरा किया जा सकेगा। 22 फरवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस सेवा का लोकार्पण करेंगे। यह ट्रेन सराय काले खां से मेरठ शहर होते हुए मोदीपुरम तक चलेगी। किराया 213 रुपये तय किया गया है।
सुप्रीम कोर्ट की पहल से शुरू हुआ प्रोजेक्ट
यह परियोजना केंद्र या राज्य सरकार की सामान्य योजना नहीं थी, बल्कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर शुरू हुई। वर्ष 2011 में सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली के बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए दिल्ली की आबादी को आसपास के शहरों तक फैलाने और तेज रेल संपर्क विकसित करने के निर्देश दिए थे।
21 अगस्त 2013 को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम का गठन किया गया। इसका उद्देश्य दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान के बीच तेज गति परिवहन प्रणाली विकसित करना था। इसी के तहत आरआरटीएस और रैपिडएक्स सेवा शुरू हुई।
चरणबद्ध तरीके से हुआ विस्तार
- 20 अक्टूबर 2023 को पहली सेवा साहिबाबाद से दुहाई तक शुरू हुई।
- इसके बाद इसे मुरादनगर, मोदी नगर और मेरठ साउथ तक बढ़ाया गया।
- दूसरी ओर साहिबाबाद से आनंद विहार और न्यू अशोक नगर तक विस्तार हुआ।
- अब 22 फरवरी 2026 से यह सेवा सराय काले खां से मोदीपुरम तक 82 किमी ट्रैक पर चलेगी।
मेरठ साउथ के बाद इसी ट्रैक पर मेरठ मेट्रो भी संचालित होगी।
दिल्ली सरकार और अड़चनें
इस परियोजना में केंद्र, दिल्ली और उत्तर प्रदेश सरकार की संयुक्त हिस्सेदारी थी। उस समय दिल्ली में अरविंद केजरीवाल की सरकार थी। वित्तीय हिस्सेदारी और भूमि उपलब्धता को लेकर कई बार विवाद सामने आए। सुप्रीम कोर्ट को हस्तक्षेप करना पड़ा। बाद में सराय काले खां को मल्टी-मॉडल ट्रांजिट हब के रूप में विकसित किया गया।
महंगा सौदा या सुविधाजनक विकल्प?
हालांकि यात्रा तेज और सुविधाजनक हो गई है, लेकिन 213 रुपये किराया नियमित अप-डाउन करने वालों के लिए महंगा साबित हो सकता है। यदि कोई व्यक्ति रोज मेरठ से दिल्ली आता-जाता है तो उसका मासिक खर्च 12–15 हजार रुपये तक पहुंच सकता है। ऐसे में कम आय वर्ग के लिए यह सेवा व्यावहारिक नहीं मानी जा रही।
ट्रेन सुबह 6 बजे से रात 10:20 बजे तक चलेगी। नाइट शिफ्ट या बहुत सुबह की ड्यूटी करने वालों के लिए समय सीमा चुनौती बन सकती है।
व्यापार और पर्यटन पर असर
मेरठ स्पोर्ट्स गुड्स, खादी वस्त्र और कैंची निर्माण के लिए प्रसिद्ध है। यहां की मिठाइयां और डेयरी उत्पाद भी मशहूर हैं। व्यापारियों और पर्यटकों के लिए यह सेवा उपयोगी हो सकती है। हालांकि ज्वेलर्स जैसे कारोबारी नकदी या कीमती सामान के कारण निजी वाहन को प्राथमिकता दे सकते हैं।
एनसीआर में मेरठ की नई पहचान
अब मेरठ भी राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के प्रमुख शहरों—नोएडा, गाजियाबाद, फरीदाबाद और गुरुग्राम—की तरह तेज संपर्क व्यवस्था से जुड़ गया है। आने वाले समय में यदि इसी तरह की आरआरटीएस सेवाएं अलवर या सोनीपत–पानीपत के लिए शुरू होती हैं, तो दिल्ली का दबाव और कम हो सकता है।
आरआरटीएस दिल्ली–मेरठ के बीच तेज, आधुनिक और प्रदूषण कम करने वाली परिवहन सुविधा है। हालांकि इसका वास्तविक प्रभाव इस बात पर निर्भर करेगा कि इसे आम नौकरीपेशा वर्ग कितनी सहजता से अपना पाता है।





