महाराष्ट्र में महा विकास आघाडी(MVA) में सीट बंटवारे पर बढ़ी हलचल

महाराष्ट्र में महा विकास आघाडी (MVA) के भीतर राज्यसभा और विधान परिषद की सीटों के बंटवारे को लेकर सियासी सरगर्मी तेज हो गई है। सात राज्यसभा और नौ विधान परिषद सीटों पर मंथन जारी है। कांग्रेस और शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) दोनों अपनी-अपनी दावेदारी मजबूत करने में जुटे हैं।
शिवसेना (उद्धव गुट) प्रमुख उद्धव ठाकरे कांग्रेस हाईकमान से सीधे चर्चा के लिए दिल्ली जाने की तैयारी में हैं। सूत्रों के मुताबिक शुरुआती दौर की बातचीत में शरद पवार के गुट को शामिल नहीं किया गया, जिससे गठबंधन के भीतर नए समीकरणों की चर्चा तेज हो गई है।
राज्यसभा का गणित
16 मार्च को राज्यसभा की सात सीटों पर मतदान होना है। एक सीट जीतने के लिए 36 वोटों का कोटा तय है।
एमवीए के पास लगभग 50 विधायक हैं, ऐसे में गठबंधन का कम से कम एक सीट जीतना लगभग तय माना जा रहा है।
इन सात सीटों में:
- एक सीट फिलहाल शरद पवार के पास है। वे दोबारा उच्च सदन में जाएंगे या नहीं, इस पर स्थिति स्पष्ट नहीं है।
- एक सीट शिवसेना (यूबीटी) के पास है और पार्टी प्रियंका चतुर्वेदी को दोबारा राज्यसभा भेजना चाहती है।
- कांग्रेस की भी दो सीटें खाली हो रही हैं और वह कम से कम एक सीट पर दावा जता रही है।
इसी कारण गठबंधन में एक सीट के लिए कई दावेदार सामने आ गए हैं।
अगले महीने विधान परिषद की नौ सीटें खाली हो रही हैं। यहां जीत के लिए 29 वोटों की जरूरत होगी। एमवीए को परिषद में भी कम से कम एक सीट जीतने का भरोसा है।
बदलते राजनीतिक समीकरण
सीट बंटवारे को लेकर जारी खींचतान ने एमवीए के भीतर राजनीतिक संतुलन को संवेदनशील बना दिया है। अगर आपसी सहमति नहीं बनती है, तो गठबंधन के भीतर असहजता बढ़ सकती है।
फिलहाल सभी दल अपने-अपने दावे मजबूत करने में जुटे हैं और अंतिम फैसला शीर्ष स्तर की बातचीत के बाद ही सामने आएगा।





