भारत दौरे पर ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा कहा “भारत से सीखकर IMF के कर्जदार से बना कर्जदाता”

ब्राजील के राष्ट्रपति Luiz Inácio Lula da Silva ने भारत दौरे के दौरान ब्राजील-भारत व्यापार और रणनीतिक संबंधों को लेकर अहम बयान दिया। उन्होंने कहा कि भारत के साथ उनका रिश्ता सिर्फ कूटनीतिक नहीं, बल्कि व्यक्तिगत और भावनात्मक भी है।
तीसरे कार्यकाल की वैश्विक रणनीति का हिस्सा
लूला दा सिल्वा ने बताया कि उनका मौजूदा अंतरराष्ट्रीय दौरा उनके तीसरे कार्यकाल की व्यापक रणनीति का हिस्सा है।
उन्होंने कहा कि ब्राजील ने केवल 3 साल 2 महीने में अपने उत्पादों के लिए 520 नए बाजार खोले हैं, जिससे देश की वैश्विक छवि और बातचीत की ताकत मजबूत हुई है।
विदेशी मुद्रा भंडार से मिली प्रेरणा
राष्ट्रपति लूला ने वर्ष 2005 की अपनी भारत यात्रा को याद करते हुए कहा कि उसी दौरान उन्हें विदेशी मुद्रा भंडार की अहमियत समझ आई। उस समय उन्होंने तत्कालीन प्रधानमंत्री Manmohan Singh से इस विषय पर चर्चा की थी।
उन्होंने कहा:
•जब वे पहली बार भारत आए थे, तब भारत के पास लगभग 100 अरब डॉलर का विदेशी मुद्रा भंडार था।
•ब्राजील लौटकर उन्होंने भी मजबूत रिजर्व बनाने का संकल्प लिया।
•बाद में ब्राजील ने 360 अरब डॉलर का विदेशी मुद्रा भंडार बनाया।
•ब्राजील, International Monetary Fund का कर्जदार देश से कर्जदाता देश बन गया।
भारत-ब्राजील व्यापार में बढ़ोतरी
लूला ने बताया कि:
•पहले दोनों देशों के बीच व्यापार केवल 2.4 अरब डॉलर था।
•अब यह बढ़कर 10.5 अरब डॉलर हो गया है।
•लक्ष्य है कि 2030 तक इसे 20 अरब डॉलर तक पहुंचाया जाए।
उन्होंने कहा कि भारत और ब्राजील के बीच सहयोग अब व्यापार, निवेश, स्वास्थ्य सेवा, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और वैश्विक मंचों तक विस्तृत हो चुका है।
भारत दौरे के दौरान स्वास्थ्य क्षेत्र में सात महत्वपूर्ण समझौतों (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए।
‘आसा ब्रांका’ सुनकर हुए हैरान
राष्ट्रपति लूला ने बताया कि जब प्रधानमंत्री Narendra Modi पिछले वर्ष ब्राजील गए थे, तब उनके पसंदीदा गीत के लिए विशेष तैयारी की गई थी और उसे Palácio da Alvorada में प्रस्तुत किया गया।
दिल्ली में आयोजित लंच के दौरान जब प्रसिद्ध ब्राजीलियाई गीत Asa Branca बजाया गया, तो वे हैरान रह गए और उन्होंने इसे भावनात्मक क्षण बताया।
राष्ट्रपति लूला ने कहा कि भारत की यह यात्रा बेहद खास है और इससे दोनों देशों के बीच रणनीतिक, आर्थिक और सांस्कृतिक संबंधों को नई ऊंचाई मिलेगी।
भारत और ब्राजील की मजबूत आर्थिक क्षमता को देखते हुए उन्होंने भरोसा जताया कि आने वाले वर्षों में व्यापार 30 अरब डॉलर तक भी पहुंच सकता है।





