कुसमी में आदिवासी बुजुर्ग की मौत पर बवाल, एसडीएम पर लगे गंभीर आरोप, बंद और धरना जारी

बलरामपुर जिले के कुसमी क्षेत्र में आदिवासी बुजुर्ग रामनरेश राम की मौत के बाद क्षेत्र में आक्रोश का माहौल बना हुआ है। परिजनों और ग्रामीणों ने एसडीएम करुण डहरिया और उनके सहयोगियों पर पिटाई का आरोप लगाया है। इस घटना के विरोध में सर्व आदिवासी समाज के आह्वान पर कुसमी बंद रखा गया और बस स्टैंड में धरना-प्रदर्शन किया गया।
धरने में बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए और मृतक के परिजनों को एक करोड़ रुपये मुआवजा, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी और घायलों को पांच-पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की मांग की गई। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग भी की।
प्रदर्शन के दौरान अधिकारियों की कार्यप्रणाली और कार्यालय व्यवस्था को लेकर भी नाराजगी जताई गई। प्रशासन की ओर से आश्वासन दिया गया कि मामले की जांच की जाएगी और संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
मृतक रामनरेश राम हंसपुर गांव का निवासी था और अत्यंत गरीब परिवार से संबंध रखता था। उसकी पत्नी का पहले ही निधन हो चुका है और परिवार का पालन-पोषण मजदूरी के सहारे होता था। ग्रामीणों के अनुसार उन्हें कई सरकारी योजनाओं का लाभ भी नहीं मिल पाया था।
घटना के बाद क्षेत्र में तनाव की स्थिति को देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया और अंतिम संस्कार की तैयारी की जा रही है।
ग्रामीणों ने क्षेत्र में अवैध खनन की गतिविधियों का भी आरोप लगाया है। उनका कहना है कि अवैध खनन का विरोध करने के कारण विवाद की स्थिति बनी थी। हालांकि प्रशासन की ओर से इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच के लिए एक समिति का गठन किया गया है। समिति प्रभावित गांव का दौरा कर परिजनों, ग्रामीणों और अधिकारियों से चर्चा कर अपनी रिपोर्ट तैयार करेगी। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।





