रायपुर में उच्च स्तरीय प्रमाणीकरण छानबीन समिति की बैठक, 17 प्रकरणों की हुई सुनवाई

रायपुर। आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा की अध्यक्षता में आज उच्च स्तरीय प्रमाणीकरण छानबीन समिति की बैठक नवा रायपुर स्थित आदिम जाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान के सभाकक्ष में आयोजित की गई।
बैठक में कुल 17 प्रकरणों की समीक्षा एवं सुनवाई की गई। इनमें से 12 जाति जांच प्रकरणों में पक्षकार समिति के समक्ष उपस्थित हुए। 6 प्रकरणों की सुनवाई पूर्ण कर आदेश जारी करने के निर्देश दिए गए। वहीं 5 प्रकरणों में जाति प्रमाण पत्र धारकों को अंतिम अवसर देते हुए अगली बैठक में प्रमाणित दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा गया।
एक प्रकरण में विजिलेंस टीम को दोबारा स्थल जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए, जबकि 5 प्रकरणों में पक्षकार अनुपस्थित रहे।
बैठक में विभागीय आयुक्त डॉ. सारांश मित्तर (सदस्य), आदिम जाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान की संचालक हिना अनिमेष नेताम (सदस्य सचिव), लोक शिक्षण संचालनालय के संचालक ऋतुराज रघुवंशी (सदस्य), भू-अभिलेख संचालक विनीत नंदनवार, संयुक्त संचालक टीआरटीआई गायत्री नेताम (प्रभारी अधिकारी, जाति जांच प्रकोष्ठ), रमा उइके (सदस्य), डॉ. अनिल विरूलकर (सदस्य) सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

उल्लेखनीय है कि यह 7 सदस्यीय समिति सर्वोच्च न्यायालय के मार्गदर्शक निर्देशों तथा छत्तीसगढ़ अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग (सामाजिक प्रास्थिति के प्रमाणीकरण का विनियमन) अधिनियम 2013 के तहत गठित की गई है। समिति अर्द्ध-न्यायिक स्वरूप में कार्य करते हुए जाति प्रमाण पत्र और सामाजिक प्रस्थिति से जुड़े मामलों की पारदर्शी और समयबद्ध सुनवाई सुनिश्चित कर रही है।
सर्वोच्च एवं उच्च न्यायालय से संबंधित प्रकरणों का भी नियमानुसार निपटारा किया जा रहा है। बैठक में बड़ी संख्या में पक्षकार और अधिवक्ता अपना पक्ष रखने पहुंचे।





