परीक्षा पे चर्चा में पीएम मोदी का संदेश: जुनून और पढ़ाई को जोड़ें, कभी भी शुरू कर सकते हैं स्टार्टअप

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘परीक्षा पे चर्चा’ के दूसरे सत्र के दौरान देशभर के छात्रों से संवाद करते हुए पढ़ाई, करियर और जीवन से जुड़े अहम मुद्दों पर मार्गदर्शन दिया। उन्होंने छात्रों की समस्याएं सुनीं और उनसे निपटने के व्यावहारिक उपाय भी बताए।
पीएम मोदी ने कहा कि स्टार्टअप शुरू करने के लिए किसी खास उम्र की जरूरत नहीं होती। कोई भी व्यक्ति कभी भी अपनी सोच और मेहनत के बल पर नया काम शुरू कर सकता है। उन्होंने छात्रों को इंडस्ट्री से जुड़े प्रोफेशनल्स से बातचीत करने और उनके काम करने के तरीकों को समझने की सलाह दी।
प्रधानमंत्री ने बताया कि वह वर्षों से कक्षा 10वीं और 12वीं के छात्रों से ‘परीक्षा पे चर्चा’ के माध्यम से संवाद कर रहे हैं और खुद भी उनसे सीखते हैं। उन्होंने तमिलनाडु के छात्रों की ऊर्जा और जिज्ञासा की सराहना करते हुए कहा कि युवाओं में सीखने की गहरी इच्छा देश की ताकत है।
इस बार के कार्यक्रम को खास बताते हुए पीएम मोदी ने कहा कि छात्रों के सुझाव पर देश के अलग-अलग हिस्सों में जाकर भी संवाद किया गया। इससे छात्रों को अपनी बात सीधे रखने का अवसर मिला।
स्टार्टअप पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि व्यक्ति क्या करना चाहता है। यदि मित्र अलग-अलग क्षेत्रों में दक्ष हों, तो मिलकर छोटा स्टार्टअप भी शुरू किया जा सकता है।
प्रधानमंत्री ने जीवन में अनुशासन को अत्यंत जरूरी बताया। उन्होंने कहा कि अनुशासन प्रेरणा को मजबूती देता है, जबकि इसके बिना प्रेरणा बोझ बन जाती है और निराशा पैदा करती है।
उन्होंने छात्रों को सलाह दी कि पढ़ाई और अपने पैशन को अलग-अलग न समझें। यदि किसी को कला में रुचि है और वह विज्ञान पढ़ रहा है, तो दोनों को जोड़कर अभ्यास किया जा सकता है। इससे रचनात्मकता बढ़ती है और सीखना आसान होता है।
पीएम मोदी के इस संदेश से छात्रों में आत्मविश्वास बढ़ा है और उन्हें पढ़ाई के साथ अपने सपनों को पूरा करने की नई प्रेरणा मिली है।





