खनन परियोजनाओं में तकनीक पर जोर: मुख्यमंत्री साय की अध्यक्षता में खनिज विकास निधि सलाहकार समिति की 21वीं बैठक संपन्न

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज मंत्रालय महानदी भवन में छत्तीसगढ़ खनिज विकास निधि सलाहकार समिति की 21वीं बैठक संपन्न हुई। बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ खनिज संपदा से समृद्ध राज्य है और यहां रेयर अर्थ मिनरल्स सहित अनेक महत्वपूर्ण खनिजों के प्रचुर भंडार उपलब्ध हैं। उन्होंने प्रदेश में संचालित सभी खनन परियोजनाओं के गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध क्रियान्वयन के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री श्री साय ने खनिजों के अवैध उत्खनन एवं परिवहन पर सख्ती से रोक लगाने के लिए विशेष टास्क फोर्स की निगरानी को और प्रभावी बनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि आईटी और ड्रोन जैसी आधुनिक तकनीकों के उपयोग से अवैध गतिविधियों पर बेहतर और सतत निगरानी संभव होगी।
बैठक में मुख्यमंत्री ने पीएमकेकेकेवाई के अंतर्गत खनिज 2.0 पोर्टल के माध्यम से हो रहे व्यय और कार्यों की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने जिला खनिज न्यास अधिनियम के तहत राज्य स्तरीय केन्द्रीय कार्यक्रम प्रबंधन इकाई (CPMU) की स्थापना कर डीएमएफ कार्यों की बेहतर निगरानी और प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए।
बैठक में परिवहन नेटवर्क (रेलमार्ग) के अंतर्गत चिरमिरी–नागपुर रेलवे लाइन के लिए 328 करोड़ रुपये के प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ रेलवे कॉरिडोर निर्माण के तहत 1 ईस्ट कॉरिडोर और 3 ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर के लिए 60.10 करोड़ रुपये तथा क्वासी इक्विटी के रूप में 24.10 करोड़ रुपये के अनुमोदन को मंजूरी प्रदान की गई।
खनिज विकास निगम लिमिटेड (CMDC) को एनएमडीसी–सीएमडीसी कंपनी लिमिटेड (NCL) संयुक्त उपक्रम में 49 प्रतिशत हिस्सेदारी के रूप में विभिन्न परियोजनाओं के विकास हेतु 112.70 करोड़ रुपये तथा विभागीय कार्यों के लिए अतिरिक्त 10 करोड़ रुपये की स्वीकृति भी दी गई।
इसके अलावा संचालनालय भौमिकी एवं खनिकर्म के अंतर्गत खनिज ब्लॉकों की नीलामी, खनिज ऑनलाइन 2.0 के भुगतान, सर्वेक्षण, पूर्वेक्षण, तकनीकी कार्यों के संपादन, मुख्य एवं गौण खनिजों के अवैध परिवहन की निगरानी हेतु आईटी एवं ड्रोन तकनीक, तथा डीएमएफ से संबंधित कार्यों की निगरानी के लिए CPMU सहित विभागीय कार्यों हेतु कुल 138.17 करोड़ रुपये के प्रस्ताव को समिति ने मंजूरी दी।
बैठक में 20वीं बैठक में स्वीकृत कार्यों के क्रियान्वयन की प्रगति की भी समीक्षा की गई। इस अवसर पर वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी, मुख्य सचिव विकास शील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, सचिव वित्त मुकेश बंसल, सचिव खनिज साधन विभाग पी. दयानंद, संचालक खनिज रजत बंसल सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।





